हरियाणा के 10,757 गैस्ट टीचर्स को बड़ा झटका, सरकार ने पक्का करने से किया इनकार; CPS ने कहा-स्पीकिंग ऑर्डर वापस नहीं होगा

Edited By Harman, Updated: 03 Nov, 2026 12:26 PM

haryana government refuses to regularize guest teachers

हरियाणा के 10,757 गैस्ट टीचर्स की पक्का करने की मांग को एक बार फिर झटका लगा है। सोमवार को गैस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सी.एम. नायब सैनी के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के बीच बातचीत बेनतीजा रहीं।

चंडीगढ़ : हरियाणा के 10,757 गैस्ट टीचर्स की पक्का करने की मांग को एक बार फिर झटका लगा है। सोमवार को गैस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सी.एम. नायब सैनी के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के बीच बातचीत बेनतीजा रहीं। चंडीगढ़ में खुल्लर के आवास पर करीब 30 मिनट तक मीटिंग चली। गैस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान ने कहा कि हाईकोर्ट टीचर्स को पक्का करने का फैसला दे चुकी है जबकि सरकार स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर नियमित करने से इनकार कर रही है। 24 अक्तूबर को स्कूल शिक्षा विभाग ने यह लैटर जारी किया था। लोहान अनुसार खुल्लर ने उन्हें कहा कि सरकार स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर चुकी है। अब इसे बापस नहीं लिया जा सकता। इसके अलावा जो भी सहयोग होगा सरकार करेगी।

इससे पहले गैस्ट टीचर्स ने 21 अक्तूबर को सिरसा से न्याय यात्रा की शुरुआत की थी। टीचर्स का चंडीगढ़ जोकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने को कार्यक्रम था। कैबिनेट मंत्री अनिल बिज ने सी.एम. नायब सैनी से उनकी बात करवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद सोमबार खुल्लर से एसोसिएशन की मीटिंग हुई जो बेनतीजा रही।

'केस जीतने के बाद भी पक्का नहीं किया', अब आगे रणनीति बनाएंगे : लोहान

अजय लोहान ने कहा कि गैस्ट टीचर्स कोर्ट से केस जीत चुके हैं। इसके बावजूद सरकार उन्हें पक्का नहीं कर रही है। सरकार को स्पीकिंग ऑर्डर जारी करने के बजाय कोर्ट के फैसले को लागू करना चाहिए था। उन्होंने मांग की कि सरकार 3 साल की पॉलिसी के तहत गेस्ट टीचर्स को नियमित करे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मीटिंग में टीचर्स की नियुक्ति से संबंधित डॉक्यूमेंट प्रस्तुत किए, मगर नियमितीकरण के मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासून नहीं दिया गया। अधिकारी कह रहे थे कि गैस्ट टीचर्स स्पीकिंग ऑर्डर को न्यायालय में चुनौती दे सकते हैं।

इस पर मोर्चा प्रतिनिधियों ने कहा कि जब नियमितीकरण का मुद्दा सरकार के समक्ष विचाराधीन है तो विभाग को कोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करनी चाहिए। मीटिंग के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने बैठक कर निर्णय लिया कि जल्द प्रदेश के सभी जिला एवं ब्लॉक प्रधानों की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

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