Edited By Isha, Updated: 02 Nov, 2026 07:31 PM

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएच) के हिंदी विभाग के पीएचडी शोधार्थी मनोज ने अपने गाइड पर पीएचडी पूरी नहीं करने देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शोधार्थी के समर्थन में सोमवार को विश्वविद्यालय
महेंद्रगढ़(प्रदीप): हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएच) के हिंदी विभाग के पीएचडी शोधार्थी मनोज ने अपने गाइड पर पीएचडी पूरी नहीं करने देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शोधार्थी के समर्थन में सोमवार को विश्वविद्यालय के करीब 80 विद्यार्थियों ने ब्लॉक-4 के बाहर सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक धरना दिया। करीब तीन घंटे चले धरने के दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान कराने की मांग की।
शोधार्थी मनोज ने बताया कि वह हिंदी विभाग में पीएचडी के दूसरे वर्ष में है। 19 मार्च 2025 को कक्षा में डॉ. अरविंद सिंह तेजावत ने उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानजनक व्यवहार किया गया था। इस मामले में उसने यूजीसी, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री, विश्वविद्यालय प्रशासन और ग्रीवेंस कमेटी को शिकायत दी है। शिकायत के बाद से ही उसे पीएचडी पूरी नहीं करने देने का दबाव बनाया जा रहा है।
मनोज का आरोप है कि उसके गाइड डॉ. कामराज सिंधू ने 21 सितंबर को दोपहर 12 बजे कार्यालय आने के लिए कहा। इसके बाद जब वह कार्यालय गया तो वहां पर डॉ. सिंधू ने उस पर प्रार्थना पत्र लिखने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर उसे शोध व पीएचडी न करने देने का दबाव बनाया। अब विवश होकर उन्होंने सोमवार को विवि के खंड 4 के आगे विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इसमें विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उनका समर्थन किया। साथ ही विभाग के अन्य शिक्षकों की ओर से भी दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है।
सूचना मिलने पर कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार और उप कुलपति सुनील कुमार ने मौके पर पहुंचकर उनकी बातें सुनीं। इसके बाद मनोज ने अपनी बात रखी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए उसकी पढ़ाई में किसी प्रकार की अड़चन न आने और प्रो. तेजावत से लिखित में माफी मंगवाने की मांग की। इस पर कुलपति की ओर से तीन दिन समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया। अब छात्रों ने तीन दिन में समाधान न होने पर फिर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।