चरखी दादरी को बड़ी सौगात: 200 एकड़ जमीन पर नहीं बनेगी कॉलोनी, अब विकसित होगा इंडस्ट्रियल हब

Edited By Isha, Updated: 03 Sep, 2026 03:01 PM

charkhi dadri gets a major boost

चरखी दादरी में करीब तीन दशक से बंद के पड़ी सीमेंट फैक्टरी की 200 एकड़ जमीन अब औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बनेगी। सरकार ने यहां रिहायशी कॉलोनी की बजाय जिले की पहली इंडस्ट्रीयल टाऊनशिप

चंडीगढ़: चरखी दादरी में करीब तीन दशक से बंद के पड़ी सीमेंट फैक्टरी की 200 एकड़ जमीन अब औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बनेगी। सरकार ने यहां रिहायशी कॉलोनी की बजाय जिले की पहली इंडस्ट्रीयल टाऊनशिप विकसित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी.पी.आर.) तैयार करने के निर्देश दिए।

सीमैंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सी.सी.आई.) की इस जमीन का के इस्तेमाल पहले रिहायशी कॉलोनी के लिए प्रस्तावित था। हालांकि मास्टर प्लान में जमीन औद्योगिक जोन में होने के कारण लैंड यूज बदलने की प्रक्रिया में करीब 2 साल लग सकते थे। ऐसे में सरकार ने मौजूदा भू-उपयोग के के अनुरूप औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का विकल्प चुना है।

केंद्र और एच.एस. आई. आई.डी.सी. मिलकर करेंगे विकास
 टाऊनशिप का विकास हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एच.एस.आई.आई.डी.सी.) करेगा। पड़ा परियोजना में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय और एच.एस. आई. आई.डी.सी. की 50-50 हिस्से दारी प्रस्तावित हैं। एच.एस.आई.आई.डी.सी. टाऊनशिप के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा और मूलभूत सुविधाएं विकसित करेगा। डी.पी. आर. में जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश क्षमता और विकास लागत का पूरा आकलन किया जाएगा। परियोजना से होने वाले मुनाफे में भी दोनों पक्षों की 50-50 हिस्सेदारी होगी।

152 डी एक्सप्रैस-वे और रेलवे स्टेशन से कनैक्टिविटी: करीब 200
एकड़ जमीन की लोकेशन को परियोजना की बड़ी ताकत माना जा रहा है। यह दादरी रेलवे स्टेशन के नजदीक है और 152डी एक्सप्रैस वे से भी जुड़ी हुई है। इससे औद्योगिक इकाइयों के लिए परिवहन और लॉजिस्टिक्स की बेहतर सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। सरकार भविष्य में आसपास की जमीन भू-मालिकों से खरीदकर टाऊनशिप का विस्तार करने पर भी विचार कर रही है। इससे छोटे-मध्यम उद्योगों के साथ बड़े निवेश के लिए भी जमीन उपलब्ध हो सकती है।

1500 एकड़ वाली आई.एम.टी. के बजाय छोटा मॉडल
 सरकार प्रदेश में नई औद्योगिक टाउनशिप और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग टाऊनशिप विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। आईएमटी के लिए करीब 1500 एकड़ जमीन की जरूरत होती है, जबकि इंडस्ट्रीयल टाउनशिप कम क्षेत्र में विकसित की जा सकती है। दादरी की 200 एकड़ जमीन को इसी मॉडल के लिए उपयुक्त माना गया है।

मनोहर सरकार में शुरू हुई कवायद, नायब सरकार में मिली नई दिशा
सीमेंट फैक्टरी की जमीन के इस्तेमाल को लेकर कवायद नई नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल से इस जमीन पर रिहायशी कालोनी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा था और केंद्रीय स्तर पर भी इसके लिए प्रयास किए गए। दादरी विधायक सुनील सतपाल सांगवान ने मुख्यमंत्री के समक्ष इंडस्ट्रीयल टाऊनशिप की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए अधिकारियों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

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