लापरवाही: 14 घंटे तक खुले में पड़ा रहा कोरोना मरीज का शव

Edited By Isha, Updated: 08 Sep, 2020 10:18 AM

negligence corona patient s body lying in the open for 14 hours

स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था और पटौदी सामान्य अस्पताल की अमानवीय घटना उस समय को देखने के लिए मिली जब एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को लेकर उपचार के लिए उसका बेटा अस्पताल पहुंचा। बेटे का आरोप है कि पिता को लेकर सु

पटौदी (घनश्याम): स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था और पटौदी सामान्य अस्पताल की अमानवीय घटना उस समय को देखने के लिए मिली जब एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को लेकर उपचार के लिए उसका बेटा अस्पताल पहुंचा। बेटे का आरोप है कि पिता को लेकर सुबह 4 बजे यहां पहुंचा तो अस्पताल के डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

आरोप है कि जैसे ही अस्पताल स्टॉफ को जानकारी दी कि उसके पिता कोविड पॉजटिव थे वैसे ही पूरा स्टॉफ वहां से दूर भाग गया। हैरानी तो तब हुई पिता की मौत के बाद 14 घंटे तक वह स्टॉफ के चक्कर लगाता रहा कि अगर उसके पिता की मौत हो गई है तो जल्द दाहसंस्कार कराया जाए लेकिन देर शाम तक ऐसा नहीं हो पाया। मृतक के बेटे का यह भी आरोप है कि कोविड जांच में पॉजटिव आने के बाद प्रबंधन मरने के लिए लोगों को उनके हाल पर ही घर के अंदर क्वारंटाइन कर रहा है। बीते चार दिनों में उसके पिता के पॉजटिव होने की जानकारी होने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से ना ही सुध ली गई ना ही ईलाज के बारे में कोई जानकारी दी गई, जिसकी वजह से उसके पिता की तबियत इतनी अधिक खराब हुई कि उनकी मौत तक हो गई।

क्या हुआ सोमवार को
साठ वर्षीय मृतक किशोर आजमगढ़ उत्तर प्रदेश का मूल निवासी था, उसके बेटे अमरजीत के अनुसार सोमवार की सुबह उनके पिता की हालत ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद सुबह 3 बजे ही एक निजी पिकअप गाड़ी में उन्हें रखकर सामान्य अस्पताल पटोदी पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद यहां के कर्मचारियों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।  देर शाम 5 बजे तक किसी अधिकारी और कर्मचारी ने शव को संभाला तक नहीं, जिसके कारण शव पूरे दिन खुले में पड़ा रहा।
 

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