बंगाल से असम तक बढ़ा नायब सैनी का कद, शपथ ग्रहण समारोहों में होंगे शामिल

Edited By Harman, Updated: 08 May, 2026 11:11 AM

nayab saini to attend swearing in ceremonies in bengal and assam

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोहों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 9 मई को पश्चिम बंगाल जाएंगे, जबकि वहां से 10 मई को असम रवाना होंगे। असम में उनका तीन दिवसीय प्रवास प्रस्तावित है।

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोहों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 9 मई को पश्चिम बंगाल जाएंगे, जबकि वहां से 10 मई को असम रवाना होंगे। असम में उनका तीन दिवसीय प्रवास प्रस्तावित है।

भारतीय जनता पार्टी ने असम में नए मुख्यमंत्री और विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया के लिए नायब सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जबकि जय प्रकाश नड्डा मुख्य पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे। एनडीए की रिकॉर्ड जीत के बाद सरकार गठन को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक सफलता ने पूरे देश की राजनीति में नया संदेश दिया है। इस जीत में हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी की सक्रिय भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता और रणनीतिक प्रचारक के रूप में उनकी मौजूदगी ने राष्ट्रीय स्तर पर उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता और प्रभाव को और मजबूत किया है। सादगी, जमीनी जुड़ाव और तेज निर्णय क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले Nayab Singh Saini अब केवल हरियाणा तक सीमित नेता नहीं माने जा रहे। हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार के बाद पश्चिम बंगाल में पार्टी की सफलता ने उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में ला खड़ा किया है।

“विजय भव” का आशीर्वाद हुआ साकार

पश्चिम बंगाल में भाजपा के परिवर्तन अभियान के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने मेदिनीपुर जिले के मोयना विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार किया। इसके बाद श्रीरामपुर में आयोजित नामांकन कार्यक्रमों में शामिल होकर भास्कर भट्टाचार्य, दिलीप सिंह, देबासिस मुखर्जी, प्रसनजीत बाग और दीपांजन चक्रबर्ती सहित कई प्रत्याशियों को “विजय भव” का आशीर्वाद दिया।
निर्वाचन परिणामों में इन क्षेत्रों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर यह धारणा और मजबूत हुई है कि नायब सिंह सैनी का प्रचार अभियान संगठन के लिए अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध हुआ। उनकी रणनीतिक सोच और जनसंपर्क क्षमता को देखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उन्हें “पारस पत्थर” तक कहा जाने लगा है।

पंजाब मिशन में भी बढ़ी सक्रियता

भाजपा नेतृत्व अब आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में भी नायब सिंह सैनी को बड़ी जिम्मेदारी देने के संकेत दे रहा है। मुख्यमंत्री पिछले कई दिनों से पंजाब में लगातार सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री आवास पर भी पंजाब से बड़ी संख्या में लोग मुलाकात के लिए पहुंच रहे हैं, जिसे राजनीतिक रूप से बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में पंजाब में आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को भाजपा में शामिल करवाने के बाद सैनी की राजनीतिक सक्रियता और प्रभाव की चर्चा तेज हुई है। फरवरी 2027 में प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा संगठन उन्हें एक महत्वपूर्ण ओबीसी चेहरे और चुनावी रणनीतिकार के रूप में आगे बढ़ा रहा है।

राष्ट्रीय राजनीति में तेजी से बढ़ा कद

अक्टूबर 2024 में हरियाणा में भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी दिलाने के बाद नायब सिंह सैनी का राष्ट्रीय राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा है। पार्टी के भीतर उन्हें एक कुशल रणनीतिकार, मजबूत संगठनकर्ता और प्रभावी प्रचारक के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से ओबीसी नेतृत्व के रूप में उनकी स्वीकार्यता भाजपा की सामाजिक विस्तार नीति के अनुरूप मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में उनकी भूमिका ने राष्ट्रीय नेतृत्व में उनकी विश्वसनीयता को और मजबूत किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सादगी, कार्यकर्ता आधारित राजनीति और जमीनी संपर्क पर आधारित “हरियाणा मॉडल” को अन्य राज्यों में भी लागू करने की दिशा में नायब सिंह सैनी की कार्यशैली को भाजपा संगठन गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है।


 

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