Edited By Manisha rana, Updated: 25 May, 2026 02:00 PM

बावल औद्योगिक क्षेत्र स्थित GLS कंपनी में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में रेवाड़ी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने कंपनी मालिक, एचआर हेड, प्लांट हेड सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों...
रेवाड़ी (महेंद्र भारती) : बावल औद्योगिक क्षेत्र स्थित GLS कंपनी में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में रेवाड़ी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने कंपनी मालिक, एचआर हेड, प्लांट हेड सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को मामले में नामजद किया है। अब आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में लापरवाही, गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न संगीन धाराएं लगाई गई हैं।
गौरतलब है कि कंपनी में लगी भीषण आग की घटना में अब तक तीन कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसे हुए अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो कर्मचारियों के जले हुए अवशेष करीब पांच दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मलबे से बाहर निकाले जा सके। राहत एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ, प्रशासन और पुलिस की टीमों को लगातार भारी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस को दी गई शिकायत में कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कंपनी प्रबंधन को पहले भी सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी और संभावित खतरे के बारे में अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिस ब्लॉक में आग लगी, वहां पर्याप्त इमरजेंसी गेट तक मौजूद नहीं थे, जिसके चलते कर्मचारी बाहर नहीं निकल सके और बड़ा हादसा हो गया। कर्मचारियों का आरोप है कि यदि कंपनी प्रबंधन पहले से सुरक्षा मानकों को गंभीरता से लेता और आवश्यक इंतजाम करता तो इस हादसे को टाला जा सकता था तथा कर्मचारियों की जान बचाई जा सकती थी।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि हादसे के बाद भी कंपनी प्रबंधन ने प्रशासन को कर्मचारियों की सूची और फैक्ट्री में मौजूद केमिकल संबंधी पूरी जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई। इसके कारण राहत एवं बचाव कार्य में देरी हुई और स्थिति को नियंत्रित करने में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान जानकारी देने में हुई देरी को लेकर रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीणा और एसपी हेमेंद्र मीणा ने भी कंपनी प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई थी। अब पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
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