Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 28 Feb, 2026 04:45 PM

बिना बिक्री योग्य भूमि का फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर दर्जनों बार लोगों से एग्रीमेंट कर धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपी को गुड़गांव पुलिस ने काबू कर लिया है। आरोपी के खिलाफ गुड़गांव ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी,...
गुड़गांव, (ब्यूरो): बिना बिक्री योग्य भूमि का फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर दर्जनों बार लोगों से एग्रीमेंट कर धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपी को गुड़गांव पुलिस ने काबू कर लिया है। आरोपी के खिलाफ गुड़गांव ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत 20 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं। आरोपी की पहचान कविंद्र भाटी (उम्र 41 वर्ष) निवासी गांव माकोड़ा दादरी, जिला गौतमबुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।
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आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक शातिर किस्म का अपराधी है जो धोखाधड़ी से बिना विक्रय योग्य जमीन को व किसी अन्य की जमीन को अपने गिरोह के सदस्य के माध्यम से फर्जी एग्रीमेंट करके ठगी की वारदात को अंजाम देता है। जांच में ज्ञात हुआ कि आरोपी अपने गिरोह के सदस्यों के माध्यम से जमीन खरीदने वाली एक फर्जी पार्टी बनकर लोगों को ऊंचे दामों का लालच देते हैं और फर्जी एग्रीमेंट करके उनके साथ ठगी करते हैं। इस केस में भी आरोपी कविंद्र ने आरोपी विजय के साथ मिलकर शिकायतकर्ता को खादर की जमीन (बिना विक्रय योग्य) को दिखाकर फर्जी एग्रीमेंट करके ठगी की वारदात को अंजाम दिया था जिसके बदले आरोपी को ठगी की राशि में से 20 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। आरोपी ने पहले भी उत्तर-प्रदेश में इसी प्रकार से ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है जिसके संबंध में वहां पर पहले भी केस दर्ज हैं।
आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास के 2 अभियोग, NDPS एक्ट का 1 केस, धोखाधड़ी करने के 11 केस, आर्म्स एक्ट के 3 केस, गैंगस्टर एक्ट का 1 केस, लूट/चोरी से संबंधित 1 केस व धमकी/गाली-गलौज तहत 1 केस सहित कुल 20 केस उत्तर प्रदेश में व धोखाधड़ी करने के तहत 1 केस गुड़गांव में पहले भी दर्ज हैं। आरोपी का रिमांड पूरा होने के बाद आज अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
आपको बता दें कि 6 जून 2024 को आर्थिक अपराध शाखा-II को एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष-2023 में इसकी मुलाकात अश्वनी चौधरी नामक व्यक्ति से हुई, जिसने स्वयं को एक बड़े प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट ग्रुप का सदस्य बताते हुए जमीन खरीदने का प्रस्ताव रखा। अश्वनी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इसको जमीन में इन्वेस्टमेंट का लालच दिया तथा गांव मंडकोला व नोएडा की जमीन से संबंधित फर्जी एग्रीमेंट किए। अश्वनी व उसके साथियों ने दूसरों की जमीन को अपनी बताकर 15 बीघा जमीन का फर्जी एग्रीमेंट 9 करोड़ 30 लाख रुपयों में कर लिया और एडवांस में 45 लाख रुपयों की ठगी की। बाद में जांच में पता चला कि संबंधित जमीन विक्रय योग्य नहीं थी और दस्तावेज फर्जी थे। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा ने सिविल लाइन्स थाने में केस दर्ज कराया। मामले में तकनीकी जांच करते हुए पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से इस फर्जीवाड़े के गिरोह के एक सदस्य विजय शर्मा (उम्र-40 वर्ष, शिक्षा-12वीं) निवासी गांव प्रताप नगर, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अब गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है।