Edited By Krishan Rana, Updated: 09 Mar, 2026 07:02 PM

हरियाणा के करनाल के राष्ट्रीय डेरी मेले में आयोजित दुग्ध प्रतियोगिता में झंझाडी गांव के रहने वाले सुनील मेहला की गाय ने नया रिकॉर्ड
करनाल : हरियाणा के करनाल के राष्ट्रीय डेरी मेले में आयोजित दुग्ध प्रतियोगिता में झंझाडी गांव के रहने वाले सुनील मेहला की गाय ने 1 दिन में 78 लीटर दूध देकर प्रथम स्थान हासिल किया है। सुनील अपनी 5 गऊओं को डेरी मेले में लेकर पहुंचा था। बाकी चार गायों ने भी एक दिन में 75 लीटर से अधिक दूध देकर दूसरा तीसरा स्थान हासिल किया।
पिछले वर्ष भी सुनील गाय ने राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान में आयोजित मेले में एक दिन में 80 लीटर से अधिक दूध देकर एशिया का रिकॉर्ड बनाया था। कई प्रदेशों में आयोजित पशु मेलों में सुनील के फॉर्म की कई गाय चैंपियन बन चुकी है। लाखों रुपए के ऑफर मिलने के बाद भी उन्होंने अपनी गायों को आज तक कभी भी बेचने का मन नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि इन्हीं से ही हमारे प्रदेश और जिले की पहचान दूर-दूर तक बनी है।
पशुपालक सुनील ने बताया, शैंकी और सिल्लू के नाम से हमारा डेरी फार्म करनाल के झंझाडी गांव में है। 2016 से दोनों भाई पशुपालन का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया 2017 से वह लगातार मेलों में अपने पशुओं को लेकर आ रहे हैं, एनडीए राय में भी जब भी पशु मेला लगता है हम अपने पशुओं को लेकर पशु मेले में जरूर पहुंचते हैं। पशुपालक ने बताया पिछली बार भी उनकी गाय ने यहां एशिया का रिकॉर्ड बनाया था। इस बार भी उनकी गाय ने 1 दिन में 78 लीटर दूध दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार पशु मेले में वे अपनी पांच गाय को लेकर पहुंचे थे। उनकी एक गाय में 78 लीटर दूध एक दिन में दिया है और पहला स्थान हासिल किया है।
डेरी फार्म से उनकी अच्छी खासी कमाई हो जाती
पशुपालक सुनील ने बताया वो अपनी गायों को खुराक में सलाद, हरा चारा, फीड और तुड़ी देते हैं। उन्होंने बताया डेरी फार्म से उनकी अच्छी खासी कमाई हो जाती है। उन्होंने कहा किस की फसल जैसे 1 साल में दो बार आती है, वैसे ही हर महीने हमें पशुओं से इनकम हो जाती है जिससे हमारा घर का खर्च और पशुओं का खर्च अच्छे तरीके से चलता है। उन्होंने कहा पशु पालक किसानों के लिए एक लाभदायक काम है जिससे वह अच्छी कमाई हासिल कर सकता है। उनके डेरी फार्म पर भी 200 पशु है जिसकी वह अच्छे से देखभाल करते हैं।
पशुपालक ने बताया कई बार उनकी गाय के लाखों में दम लगा चुके हैं फिर भी उन्होंने कभी भी अपनी गायों को बेचने के बारे में आज तक नहीं सोचा, क्योंकि इन गायों से ही उन्हें अब लोग करनाल हरियाणा और कई प्रदेशों में जानते हैं। यानी उनकी गायों की वजह से ही उनकी पहचान बनी है।
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