Edited By Harman, Updated: 26 May, 2026 06:30 PM

हरियाणा का झज्जर इन दिनों सिर्फ एक जिला नहीं, बल्कि ‘नारी नेतृत्व’ की नई मिसाल बनकर उभर रहा है। यहां सत्ता के गलियारों से लेकर कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं तक महिलाओं का दमदार दबदबा दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि जिले के सबसे प्रभावशाली और...
चंडीगढ़ ( चंद्रशेखर धरनी ) : हरियाणा का झज्जर इन दिनों सिर्फ एक जिला नहीं, बल्कि ‘नारी नेतृत्व’ की नई मिसाल बनकर उभर रहा है। यहां सत्ता के गलियारों से लेकर कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं तक महिलाओं का दमदार दबदबा दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि जिले के सबसे प्रभावशाली और निर्णय लेने वाले पदों पर महिला अधिकारी तैनात हैं। डीसी, पुलिस कमिश्नर, डीसीपी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, डीटीपी और राजनीति में मजबूत महिला नेतृत्व... झज्जर अब हरियाणा में ‘लेडीज पावर मॉडल’ के रूप में चर्चा का केंद्र बन गया है। सबसे खास बात यह है कि झज्जर प्रदेश का पहला ऐसा जिला माना जा रहा है, जहां प्रशासनिक तंत्र में सबसे अधिक महिला अधिकारियों की तैनाती हुई है। एक समय पुरुष प्रधान माने जाने वाले प्रशासनिक और पुलिस तंत्र में झज्जर की यह तस्वीर अब नई सोच और बदलते दौर का प्रतीक बन गई है। डीसी से लेकर डीसीपी तक, सिटी मजिस्ट्रेट से एसडीएम तक और राजनीति से शहरी विकास तक महिलाओं की मजबूत मौजूदगी ने झज्जर को हरियाणा में अलग पहचान दिलाई है। झज्जर का यह ‘महिला नेतृत्व मॉडल’ सिर्फ सरकारी तैनातियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते समाज, बढ़ते आत्मविश्वास और महिलाओं की निर्णय क्षमता की नई ताकत का बड़ा संदेश भी है।
नई डीसी की एंट्री के साथ तेज हुई चर्चा
झज्जर में महिला नेतृत्व की चर्चा उस समय और तेज हो गई, जब आईएएस अधिकारी वर्षा खनगवाल ने जिले के उपायुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाली। 2003 बैच की एचसीएस टॉपर रहीं वर्षा खनगवाल को मेहनती, अनुशासित और तेज-तर्रार अफसर माना जाता है। 2 जनवरी, 2004 को प्रशासनिक सेवा में कदम रखने वाली वर्षा खनगवाल ने अपने करियर में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। अगस्त 2025 में आईएएस पदोन्नति मिलने के बाद अब उन्हें झज्जर जैसे अहम जिले की कमान सौंपी गई है। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) के रूप में भी उनका कार्यकाल काफी चर्चित रहा। अब जिले में विकास, प्रशासनिक सुधार और जनसेवा से जुड़े कामों को नई रफ्तार देने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
पुलिस की कमान भी ‘लेडी बॉस’ के हाथ
झज्जर में सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था का सबसे बड़ा चेहरा भी महिला अधिकारी हैं। जिले की कमिश्नर ऑफ पुलिस के रूप में एडीजीपी डॉ़ राजश्री पुलिस कमिश्नरेट की कमान संभाल रही हैं। महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था जैसे संवेदनशील मामलों में उनकी सख्त और सक्रिय कार्यशैली की चर्चा रहती है। यही नहीं, पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी स्तर पर भी महिला आईपीएस अधिकारियों की मजबूत मौजूदगी है। धारणा यादव और दीप्ति गर्ग दोनों डीसीपी के रूप में अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। यानी झज्जर में पुलिसिंग का पूरा सिस्टम महिला अधिकारियों की मजबूत निगरानी में काम कर रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट से एसडीएम तक... हर स्तर पर महिला नेतृत्व
झज्जर का प्रशासनिक ढांचा इस समय पूरी तरह ‘वूमेन लीडरशिप’ की झलक देता है। जिले की सिटी मजिस्ट्रेट रितू बंसल हैं, जबकि बेरी उपमंडल की एसडीएम रेणुका नांदल हैं। इन अधिकारियों की सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि महिलाएं अब केवल प्रशासनिक उपस्थिति भर नहीं, बल्कि फैसले लेने वाले केंद्र में हैं।
राजनीति में भी गीता भुक्कल की मजबूत पकड़
झज्जर की राजनीति में कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री गीता भुक्कल का प्रभाव लंबे समय से कायम है। शिक्षा, सामाजिक सरोकार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता उन्हें जिले की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में शामिल करती है। जनता और संगठन दोनों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
शहरों की दिशा भी महिलाएं तय कर रहीं
झज्जर में शहरी विकास का जिम्मा भी महिला अधिकारी के हाथों में है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में अंजू जून अवैध कॉलोनियों पर निगरानी, निर्माण गतिविधियों की मॉनिटरिंग और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे अहम काम देख रही हैं। इससे साफ है कि झज्जर में महिलाएं केवल प्रशासन नहीं चला रहीं, बल्कि जिले के भविष्य की रूपरेखा भी तैयार कर रही हैं।