Punjab Kesari ने ‘501 वोटर एक मकान में’ वाले राहुल गांधी के दावे की पड़ताल , जानिए क्या है सच क्या?

Edited By Isha, Updated: 06 Nov, 2025 12:27 PM

investigation of rahul gandhi s claim of 501 voters in one house

कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार दोपहर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।

पलवल(गुरूदत्त गर्ग): कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार दोपहर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा की मिलीभगत से "फर्जी वोट” बनाए जा रहे हैं और असली वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विशेष तौर पर हरियाणा के पलवल जिले की होडल विधानसभा का ज़िक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि “होडल में एक ही मकान नंबर पर 501 वोटर दर्ज हैं  यह फर्जीवाड़े का जीता-जागता उदाहरण है।

ग्राउंड रिपोर्ट: राहुल गांधी का दावा कितना सही?
हमने राहुल गांधी के इस दावे की ग्राउंड जीरो पर जाकर जांच की। जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने तस्वीर का दूसरा पहलू भी दिखा दिया।
दरअसल, होडल शहर में आज तक मकानों की आधिकारिक नंबरिंग हुई ही नहीं है। यानी मकान नंबर सिर्फ वोटर लिस्ट में औपचारिक रूप से अंकित हैं, ज़मीन पर नहीं।

वोटर लिस्ट में दर्ज ‘मकान नंबर 265 और 265A’
राहुल गांधी ने जिस उदाहरण का ज़िक्र किया, वह होडल नगर परिषद के वार्ड नंबर 21 का है। यहां मकान नंबर 265 और 265A पर चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट में 500 से ज़्यादा वोटरों के नाम दर्ज हैं। लिस्ट के हिसाब से आंकड़ा सही है, लेकिन हकीकत कुछ और है। मकान नंबर तो बस कागज़ों में है  मकान मालिक शिबराम। जब हमारी टीम ने वार्ड नंबर 21 में जाकर मकान नंबर 265A के मालिक शिबराम (69 वर्ष, पुत्र हरचन्दी) से बात की, तो उन्होंने बताया  मैंने यह मकान 1985 में बनाया था और तब से यहीं रह रहा हूँ।

पहले यह वार्ड नंबर 2 था, फिर 3 हुआ, अब 21 है। मकान नंबर 265 या 265A जैसे नंबर सिर्फ वोटर लिस्ट में ही हैं, असल में यहां कोई नंबरिंग हुई ही नहीं। शिबराम बताते हैं कि यहां 36 बिरादरी के लोग रहते हैं। बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) ने जैसे-जैसे नए वोटर जोड़े, सबको पुराने मकान नंबर 265 के तहत दर्ज कर दिया। यह सिलसिला 1990 से चलता आ रहा है। यहां कोई वोटर फर्जी नहीं है, सब असली लोग हैंबस नंबरिंग सिस्टम गड़बड़ है।

परिवार और वोटर आंकड़े
शिबराम ने आगे बताया — हम छह भाई हैं, हर एक के चार-चार बेटे हैं। अब सबने अलग-अलग मकान बना लिए हैं, सबके राशन कार्ड भी अलग हैं। वार्ड नंबर 21 का क्षेत्रफल लगभग डेढ़ किलोमीटर में फैला हुआ है और कुल वोटरों की संख्या 2363 है।

मकान नंबर 265 में दर्ज वोटरों का विवरण (वोटर लिस्ट के अनुसार)

क्रमांक रेंज वोटरों की संख्या
167 – 266 100
277 1
282 – 323 41
395 – 399 5
401 1
434 – 486 51
492 – 507 15
546 – 582 6
583 – 619 37
661 – 698 27
716 -  734      18
737 – 831 94
833 – 873 40
874 – 882 8
911 – 946 55
1707 – 1712 5

कुल लगभग 503 वोटर, जो एक ही मकान नंबर के तहत दर्ज हैं लेकिन ये सभी वास्तव में अलग-अलग घरों और परिवारों से हैं। स्थानीय लोगों का बयान - स्थानीय निवासी जवाहर सहित अन्य लोगों ने बताया कि, सभी को इस बात की जानकारी है  कांग्रेस नेता उदयभान को भी पता है कि यहां मकान नंबर सिर्फ कागज़ी हैं। राहुल गांधी का दावा गलत है, जो उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के 57 मिनट 23 सेकंड पर किया था।

निष्कर्ष
राहुल गांधी का दावा आधा सच है। वोटर लिस्ट में वाकई एक ही मकान नंबर पर सैकड़ों वोटर दर्ज हैं, लेकिन यह फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि नगर परिषद में मकानों की नंबरिंग व्यवस्था की कमी का नतीजा है।
 

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