गीता महोत्सव में नजर आ रहा लघु भारत, कलाकार बिखेर रहे सांस्कृतिक सुंदरता

Edited By Shivam, Updated: 09 Dec, 2018 10:57 PM

ineternational geeta festival in kurukshetra

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर धर्म नगरी कुरूक्षेत्र में लघु भारत नजर आ रहा है। ब्रह्मसरोवर विभिन्न प्रदेश की कला और संस्कृति के दर्शन पर हो रहे हैं। दूर दराज से आये कलाकारों ने कहा कि यहां पर आकर उन्हें बेहद खुशी मिलती है। लेकिन आज के लोग अपनी...

कुरूक्षेत्र(विनोद): अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर धर्म नगरी कुरूक्षेत्र में लघु भारत नजर आ रहा है। ब्रह्मसरोवर विभिन्न प्रदेश की कला और संस्कृति के दर्शन पर हो रहे हैं। दूर दराज से आये कलाकारों ने कहा कि यहां पर आकर उन्हें बेहद खुशी मिलती है। लेकिन आज के लोग अपनी संस्कति और कला को भूलते जा रहे हैं, धीरे-धीरे उनकी लोक व संस्कृति की कला विलुप्त होती जा रही है। आज कल लोग वेस्टर्न कल्चर के गीतों का ज्यादा पसंद करते हैं।

हिमाचल के सिरमौरी नाटी और उत्तराखंड के छपेली की की प्रस्तुति एनजेडसीसी की तरफ से 23 दिसंबर तक पंजाब का जिंदवा, हिमाचल का सिरमौरी नाटी, जम्मू कश्मीर का हिमाली, उत्तराखंड का छपेली और राजस्थान का चेरी घूम्मर पर्यटकों का अपनी और खींच रहा है। नौजवान से लेकर बुजर्ग तक सब उनके एक मंच पर विभिन्न प्रदेश की कला और संस्कृति के दर्शन कर रहे हैं।

PunjabKesari

वहीं रविवार और भीड़ होने के कारण पर्यटक भी खूब खरीददारी कर रहे हैं। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र पटियाला और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के साथ-साथ राज्य सरकार की तरफ से हरियाणा ही नहीं विभिन्न प्रदेशों की लोक संस्कृति को संरक्षित करने और कलाकारों को एक मंच मुहैया करवाने का काम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के जरिए किया जा रहा है। सभी कलाकार पारम्पकि वेशभूषा से सुसज्जित होकर लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव से लोक कलाओं को जींवत रखने का प्रयास किया जा रहा है।

PunjabKesari

गौरतलब है कि धर्म नगरी कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव चल रहा है, जिसकी शुरूआत प्रदेश के पर्र्यटन एवं शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा द्वारा की गई। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 23 दिसम्बर तक चलेगा। हरियाणा की लोक कला और संस्कृति की लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी कई विधाओं को संरक्षित करने का काम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव कर रहा है। इस महोत्सव से न केवल लोक संस्कृति को जींवत रखने का प्रयास सरकार की तरफ से किया जा रहा है बल्कि लोक कलाकारों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!