Edited By Manisha rana, Updated: 12 Nov, 2025 01:51 PM

बच्चों को भगवान का रूप कहा जाता है, आज वो समय है जब लोग ये भूल जाते है कि कभी किसी की कमजोरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए। ऐसा ही एक मामला अंबाला से भी सामने आया है।
अंबाला (अमन कपूर) : बच्चों को भगवान का रूप कहा जाता है, आज वो समय है जब लोग ये भूल जाते है कि कभी किसी की कमजोरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए। ऐसा ही एक मामला अंबाला से भी सामने आया है।
दरअसल अंबाला शहर के कैथ माजरी में रहने वाली एक नाबालिग जो मानसिक रूप से कमजोर है। उसका फायदा कई लोग उठा रहे थे जिसकी वजह से नाबालिग की मां ने उसे अपने ही घर में बेड़ियों से बांध कर रखा था। नरकीय जीवन जीने को मजबूर उस नाबालिगा को अंबाला की मनुखता दी सेवा संस्था ने नया जीवन देने का काम किया है।
बता दें कि मनुखता दी सेवा के सदस्यों ने उस नाबालिगा को अच्छा वातावरण और अच्छे इलाज के लिए अंबाला से अस्पताल में भेज दिया है जिससे जल्द ही वो नाबालिगा ठीक होकर आम इंसान की तरह अपना जीवन जी पाएगी। इस बारे में जब नाबालिग की मां से बात की तो उन्होंने बताया कि कई बार इस बच्ची को आस पास के लोग अपने साथ ले गए और कई बार ये दो दो दिन तक गायब रही, जिसको ढूंढना मुश्किल हो जाता है।
वहीं मां ने वंदे मातरम दल का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज जब कोई अपना इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ नहीं हैं। उस वक्त ये टीम उनकी बच्ची को अच्छा इलाज और अच्छी जिंदगी देने के लिए कार्य कर रहे है। बच्ची की मां मजदूरी का काम करती है जिसी वजह से वो अपनी बेटी की पूरी तरह देखरेख नहीं कर सकती। मनुखता दी सेवा संस्था के सदस्य भरत ने बताया कि इस बच्ची को आज संस्था के अस्पताल में भेजा जा रहा है बीते दिनों भी ये बच्ची लापता हो गई थी जो पहले पानीपत में से मिली थी। कई बार आस पास के लोगों ने इसका फायदा उठाने की कोशिश की, जिससे बचाव और बच्ची को ठीक करने के लिए कार्य किया जा रहा है।
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