Edited By Deepak Kumar, Updated: 19 Jan, 2026 09:41 PM

उचाना के नागरिक अस्पताल में आज सुबह एक महिला ने 24 साल के लंबे इंतजार के बाद
उचाना/जींद (अमनदीप पिलानिया) : हरियाणा के जींद जिले के उचाना कलां में एक अनोखी और चर्चित घटना सामने आई है। यहां उचाना कलां गांव निवासी सुरेंद्र कुमार की पत्नी रितु (38 वर्ष) ने 11वीं डिलीवरी में एक स्वस्थ बेटे (4KG) को जन्म दिया। जबकि इससे पहले उनके घर में 10 बेटियां पैदा हुई थीं। जिसमें से एक बेटी का निधन हो चुका है।
यह डिलीवरी 19 जनवरी को उचाना सामान्य हॉस्पिटल में हुई, जो हाई-रिस्क थी। फिर भी नॉर्मल डिलीवरी सफल रही और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। बच्चे का वजन करीब 4 किलोग्राम बताया जा रहा है। परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं है। पिता सुरेंद्र कुमार, जो मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने बताया कि बेटे की चाहत में वे लगातार बच्चे पैदा करते रहे, लेकिन हर बार बेटी हुई। परिवार वाले उन्हें हौसला देते थे कि "अभी बूढ़े नहीं हुए हो, हार मत मानो।" उनकी बेटियां भी भाई की चाह रखती थीं और कहती थीं - "पापा, भइया लेकर आना।"
पिता ने बाल्टी में गुलाब जामुन बांटकर खुशी जाहिर की

सुरेंद्र अस्पताल में गुलाब जामुन की बाल्टी लेकर पहुंचे और खुशी जाहिर की। परिजनों ने फोन पर बधाइयां दीं, गांव में लड्डू बांटे गए। सुरेंद्र ने कहा, "हमने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा। वे भगवान का आशीर्वाद हैं। हालांकि, एक बेटी का निधन हो चुका है और दो बेटियों की शादी हो चुकी है। यह मामला उचाना में पिछले 15 दिनों का दूसरा ऐसा केस है, जहां दस बेटियों के बाद बेटे ने जन्म लिया। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बेटे की चाहत, मातृ स्वास्थ्य और लिंग भेदभाव को लेकर बहस छेड़ दी है। परिवार अब इस नए सदस्य के साथ खुशहाल जीवन की उम्मीद कर रहा है।
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