'गोल्डन गर्ल' दीक्षा दलाल ने रचा इतिहास, एशियन चैंपियनशिप में जीता Gold Medal

Edited By Isha, Updated: 02 Jun, 2026 12:10 PM

golden girl diksha dalal creates history

हरियाणा की माटी के लाल और लाडलियां वैश्विक पटल पर लगातार देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी कड़ी में बहादुरगढ़ की 15 वर्षीय महिला पहलवान दीक्षा दलाल ने एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर

बहादुरगढ़(प्रवीण कुमार धनखड़): हरियाणा की माटी के लाल और लाडलियां वैश्विक पटल पर लगातार देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी कड़ी में बहादुरगढ़ की 15 वर्षीय महिला पहलवान दीक्षा दलाल ने एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। दीक्षा की इस स्वर्णिम सफलता के साथ-साथ हिन्द केसरी सोनू अखाड़े के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आई है, अखाड़े के तीन प्रतिभावान पहलवानों का चयन आगामी एशियन गेम्स के लिए हुआ है। वियतनाम से पदक जीतकर लौटने के अगले ही दिन दीक्षा वापस मैट पर उतर आई हैं और अगली तैयारियों में जुट गई हैं। 

अखाड़े में पहुंचने पर एशियन चैंपियन दीक्षा और एशियन गेम्स के लिए चयनित पहलवानों का फूल-मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर दीक्षा के दादाजी ने पूरी टीम और ग्रामीणों को मिठाई खिलाकर अपनी पोती की जीत का जश्न मनाया। साल 2021 से हिन्द केसरी सोनू अखाड़े में कुश्ती के गुर सीख रही दीक्षा दलाल की सफलता की कहानी अद्भुत है। उन्होंने 22 किलो भार वर्ग से अपने सफर की शुरुआत की थी और आज वह 47 किलो भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

 सबसे खास बात यह है कि दीक्षा ने अब तक के करियर में जिस भी स्तर पर कदम रखा, वहां सिर्फ सोना ही जीता। वर्ष 2019-20 से लेकर 2025-26 तक जिला स्तर पर गोल्ड जीतने के साथ-साथ दीक्षा लगातार सात साल से स्टेट चैंपियन हैं। दिक्षा, साल 2023-24 में पहली बार नेशनल खेलने उतरीं और वहां भी गोल्ड जीता। तब से लेकर अब तक वह हर साल नेशनल में गोल्ड जीत रही हैं। 2023-24 में नेशनल चैंपियन बनते ही उन्हें इंटरनेशनल मुकाबलों का टिकट मिला। दीक्षा ने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल हासिल कर अपनी बादशाहत साबित की है। अपनी सफलता का श्रेय अपने दादाजी, परिवार और कोचों की प्रेरणा को देते हुए दीक्षा ने कहा, मेरा लक्ष्य ओलंपिक है और मैं देश के लिए ओलंपिक गोल्ड जीतकर ही रहूंगी। दीक्षा रोजाना अपने दादाजी के साथ अखाड़े आती हैं, जो उनकी ट्रेनिंग और डाइट का पूरा ख्याल रखते हैं। 

 
दीक्षा की सफलता के अलावा, सोनू अखाड़े के तीन पहलवानों सुमित दलाल, रजत रूहल और दीपक ने एशियन गेम्स की टीम में जगह बनाकर अखाड़े का नाम देश भर में ऊंचा कर दिया है। सुमित अब वल्र्ड रैंकिंग सीरिज के लिए मंगोलिया रवाना हो गए हैं। सुमित दलाल ने एशियाई चैंपियनशिप में 2025 और 2026 में लगातार गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। 2025 की रैंकिंग सीरीज में सिल्वर मेडल जीता, जहां उन्होंने कई वल्र्ड और ओलंपियन पहलवानों को धूल चटाई। इसके अलावा 2023 अंडर-20 वल्र्ड चैंपियनशिप में सिल्वर और अंडर-23 में ब्रॉन्ज जीता। 2022 के अंडर-20 में भी वह ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। सुमित करीब 6 बार नेशनल चैंपियन रह चुके हैं और कुल 12 नेशनल मेडल जीत चुके है। उनका सपना एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना और वहां भी सोना जीतना है।

 

हिन्द केसरी सोनू अखाड़े के हैवीवेट फ्री स्टाईल के पहलवान रजत रूहल ने भी एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई कर लिया है। उनके साथ ग्रीको रोमन स्पर्धा में दीपक ने भी एशियन गेम्स का टिकट हासिल किया है। रजत ने जूनियर एशिया कप 2023 में ब्रॉन्ज और 2024 में सिल्वर मेडल जीता था। वहीं, जूनियर वर्ल्ड कप 2023 में भी वह ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। रजत मैट के साथ-साथ मिट्टी के दंगल के भी बड़े उस्ताद हैं। वह अब तक 8 से 9 बार भारत केसरी का खिताब जीत चुके हैं। देश के किसी भी बड़े दंगल में पहली छुट्टी के लिए वह आज सबसे पसंदीदा पहलवान हैं।

 

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