हैट्रिक विधायक से विधानसभा अध्यक्ष तक : हरविंद्र कल्याण की कार्यशैली ने बनाया CPA सम्मेलन को ऐतिहासिक

Edited By Krishan Rana, Updated: 11 Jun, 2026 09:16 PM

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हरियाणा विधानसभा द्वारा हाल ही में आयोजित त्रिदिवसीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र जोन-II सम्मेलन


चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा विधानसभा द्वारा हाल ही में आयोजित त्रिदिवसीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र जोन-II सम्मेलन की अभूतपूर्व सफलता के पीछे विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण का नेतृत्व, दूरदर्शिता और अथक परिश्रम प्रमुख आधार रहा। एक कुशल टीम लीडर के रूप में उन्होंने आयोजन की प्रत्येक गतिविधि पर स्वयं निगरानी रखी और देर रात तक अधिकारियों एवं टीम सदस्यों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा। उनके मार्गदर्शन में यह सम्मेलन न केवल सफल रहा, बल्कि हरियाणा विधानसभा की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला आयोजन भी साबित हुआ।

घरौंडा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लगातार तीन बार जीत दर्ज कर राजनीतिक हैट्रिक लगाने वाले हरविंद्र कल्याण पेशे से इंजीनियर हैं। उन्होंने वर्ष 1989 में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की और पिछले तीन दशकों से अधिक समय से सार्वजनिक जीवन एवं राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

शांत, सौम्य और सहज व्यक्तित्व के धनी हरविंद्र कल्याण आधुनिक कार्यशैली के लिए भी जाने जाते हैं। वे अपने कार्यों को तकनीकी माध्यमों से प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित रखते हैं और निर्धारित समय में उन्हें पूरा कराने के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं। उनकी मिलनसारिता, व्यवहार कुशलता और सभी वर्गों के लोगों से सहज संवाद स्थापित करने की क्षमता उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देती है।

हरविंद्र कल्याण का जन्म 15 जनवरी 1967 को एक राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से सक्रिय परिवार में हुआ। उनके पिता चौधरी देवी सिंह रोड हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रह चुके हैं और किसानों तथा आमजन की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए जीवनभर सक्रिय रहे। उनकी माता श्रीमती प्रेम कौर का इसी वर्ष निधन हुआ, जिनका उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा।

राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी हरविंद्र कल्याण का योगदान उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2015 से 2019 तक उन्होंने हैफेड के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। विधानसभा में वे वर्ष 2019 से मार्च 2023 तक लोक लेखा समिति (पब्लिक अकाउंट्स कमेटी) के अध्यक्ष रहे। इसके अतिरिक्त वर्ष 2015-16 तथा 2023-24 में एस्टिमेट्स कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष के रूप में लगभग एक दशक तक संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही।

जनसमस्याओं को जमीनी स्तर पर समझने के लिए हरविंद्र कल्याण ने वर्ष 2004 में घरौंडा विधानसभा क्षेत्र के 104 गांवों में लगभग 375 किलोमीटर की पदयात्रा की। इस दौरान उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को समझा और क्षेत्र के विकास के लिए विस्तृत अध्ययन किया। यही कारण है कि वर्ष 2014 से अब तक घरौंडा क्षेत्र में अनेक विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में वे सफल रहे हैं।

पारिवारिक जीवन में उनकी धर्मपत्नी रेशमा एक लेखिका हैं। उनकी पुत्री आयशाना सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं और एक गैर-सरकारी संगठन के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।
हरविंद्र कल्याण की कार्यशैली, संगठन क्षमता, तकनीक आधारित दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें हरियाणा की राजनीति में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। सीपीए सम्मेलन की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रभावी नेतृत्व, सुनियोजित प्रबंधन और टीम भावना के बल पर किसी भी आयोजन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

 

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