जालसाजों का हैरतअंगेज कारनामा, आईएएस अफसर को कॉल कर कहा- हेलो मैं चीफ जस्टिस बोल रहा हूं..

Edited By Isha, Updated: 29 Mar, 2022 07:06 PM

fraudsters made fake call to ias officer

पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एक अजीब किस्म का मामला उस वक्त सामने आया जब पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने मुख्य न्यायाधीश की अदालत बताया कि एक व्यक्ति ने जालसाजी कर चीफ जस्टिस बन कर किसी को फोन किया था और  किसी...

चंडीगढ़ (चंद्रशेखर धरणी) पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एक अजीब किस्म का मामला उस वक्त सामने आया जब पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने माननीय मुख्य न्यायाधीश की अदालत  बताया कि एक व्यक्ति ने जालसाजी कर चीफ जस्टिस बन कर किसी को फोन किया था और  किसी को लाभ दिलाने की कोशिश की है।

दरअसल  हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की माननीय अदालत को एक घटना की जानकारी दी। जिसमें बताया गया कि किसी ने  चीफ जस्टिस बनकर एक आईएएस अफसर के निजी मोबाइल नम्बर पर  कॉल कर सजायाफ्ता बर्खास्त कर्मचारी को बहाल करने का आदेश दिया था। इस पर बेंच ने हैरानी जताते हुए मामले की जांच पर रिपोर्ट मांगी, लेकिन सरकार इस मामले में कार्यवाही कर जांच भी करवा रही है। कोर्ट ने इस पर कड़ा रूख अपना कर एसएसपी हिसार को आदेश दिया कि वो इस मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई पर बेंच के सामने पेश करे।    

जानकारी के अनुसार इसके बाद निगम के एमडी बलकार सिंह आईएएस ने अर्बन एस्टेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच कर अवतार, बलवान, रविंद्र व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया।यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट)  के तहत सजायाफ्ता दक्षिण हरियाणा बिजली निगम के एक सहायक लाइनमैन बलवान सिंह  को निगम के एमडी ने सेवा से बर्खास्त कर  दिया।

कर्मचारी ने बहाली के लिए अपने एक दोस्त रविंद्र जांगड़ा से सहायता  करने को  कहा, जांगड़ा ने अपने दोस्त अवतार सिंह से इस मामले में कुछ करने को कहा,  अवतार  सिंह ने बलवान सिंह को  उसके सजा व अन्य दस्तावेज मोबाइल पर भेजने को कहा। इसके बाद अवतार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के विशेष सचिव रविंद्र शर्मा बन कर बिजली निगम के एमडी बलकार सिंह को फोन कर कहा कि चीफ जस्टिस आपसे   बात करना चाहते है, तभी  किसी अन्य व्यक्ति  ने  चीफ जस्टिस बन कर बात की और  एमडी को कहा कि वह सहायक लाइनमैन बलवान सिंह  जिसे बर्खास्त किया गया है उसे बहाल करे। इसके बाद अवतार ने बलवान सिंह को कहा कि उसकी एमडी से बात हो गई है और वो एमडी से मिल ले वो बहाल हो जाएगा।

यह मामला सामने  आने के बाद एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने चीफ जस्टिस को इस घटना की जानकारी दी। इसके बाद निगम के एमडी बलकार सिंह आईएएस ने अर्बन एस्टेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच कर अवतार, बलवान, रविंद्र व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया।

बता दें कि जांच में पाया गया कि जिस मोबाइल नम्बर से एमडी को फोन किया गया वो अवतार सिंह के थे और उनकी लोकेशन पंजाब में थी। इसके बाद अवतार व रविंद्र ने हाई कोर्ट में नियमित जमानत की मांग को लेकर याचिका दायर कर कर दी।

मामले की सुनवाई के दौरान जब बेंच को सरकार की तरफ से बताया कि आरोपियों ने  चीफ जस्टिस बन कर आईएएस अफसर के निजी मोबाइल नम्बर पर  कॉल कर सजायाफ्ता बर्खास्त कर्मचारी को बहाल करने का आदेश दिया था। इस पर बेंच ने हैरानी जताते हुए मामले की जांच पर रिपोर्ट मांगी, लेकिन सरकार की तरफ से कुछ समय देने की मांग की गई। कोर्ट ने इस पर कड़ा रूख अपना कर एसएसपी हिसार को आदेश दिया कि वो इस मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई पर बेंच के सामने पेश करे।   

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