Edited By Isha, Updated: 26 Feb, 2026 01:34 PM

पीजीआई की हिमकेयर और आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों के बाद अब केंद्र सरकार की एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) में करीब 100 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।
चंडीगढ़: पीजीआई की हिमकेयर और आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों के बाद अब केंद्र सरकार की एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) में करीब 100 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ट्राइसिटी (चंडीगढ़-मोहाली पंचकूला) के कई निजी अस्पतालों, लैब संचालकों और एक निजी एजेंसी की भूमिका जांच के घेरे में है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को चंडीगढ़ और मोहाली के कई निजी अस्पतालों में छापेमारी कर अहम दस्तावेज कब्जे में लिए।
सेक्टर-38 के एक धार्मिक स्थल में संचालित मेडिकल सेंटर और सेक्टर-15 के एक निजी अस्पताल में सबसे अधिक अनियमितताएं पाई गई हैं। सीबीआई टीमों ने घंटों तक रिकॉर्ड खंगाले और बिलिंग, मरीजों की फाइलें, लैब रिपोर्ट व दवाओं की एंट्री की जांच की।
जांच में प्राथमिक तौर पर सामने आया है कि ईसीएचएस के तहत पंजीकृत पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को कागजों में भर्ती दिखाकर भारी-भरकम क्लेम तैयार किए गए। कई मामलों में मरीजों को अस्पताल में भर्ती किए बिना ही फाइलों में एडमिट दिखाया गया। इतना ही नहीं, दवाइयों के फर्जी बिल और जांच रिपोर्ट भी तैयार की गईं।
हिसार में आठ टीमों ने की कार्रवाई हिसार। शहर के न्यूरो सर्जन डॉ. उमेश कालड़ा से जुड़े प्रतिष्ठानों पर बुधवार सुबह आयकर विभाग ने एक साथ सर्वे की कार्रवाई की। रोहतक से आईं आठ टीमों ने सेक्टर-14 स्थित सर्वेश अस्पताल, डाबड़ा चौक स्थित सर्वोदय अस्पताल और सेक्टर-13 स्थित डॉ. उमेश कालड़ा के आवास पर सुबह 6 बजे से एक साथ जांच शुरू की। आयकर विभाग की टीम डॉ. कालड़ा को करीब सवा नौ बजे उनके आवास पर लेकर पहुंची। गाड़ी से उतरते समय वे काफी गुस्से में नजर आए।
जा रहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें इस तरह परेशान किया जा रहा है और मरीजों की जांच के लिए जाने नहीं दिया टीमों ने कंप्यूटर, लैपटॉप, टैब सहित अस्पतालों की खरीद-फरोख्त और संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।