Edited By Isha, Updated: 05 Sep, 2026 06:49 PM

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से जुड़े 225.51 करोड़ रुपये के बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा को बड़ा झटका दिया
चंडीगढ़: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में करोड़ों रुपये के गबन से जुड़े प्रवर्तन निदेशालयके मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंचकूला स्थित विशेष PMLA अदालत 21 सितंबर 2026 को संज्ञान लेने के बिंदु पर अपना आदेश सुनाएगी। विशेष न्यायाधीश विजयांत सहगल की अदालत ने यह समय तय किया है। कोर्ट ने पूर्व विधायक राम निवास सुरजाखेड़ा की उस अर्जी को भी खारिज कर दिया, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित याचिका का हवाला देकर इस मामले की सुनवाई 14 सितंबर 2026 के बाद तक टालने का अनुरोध किया गया था। विशेष अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट द्वारा निचली अदालत की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। इसके अलावा, संज्ञान के बिंदु पर बहस पूरी हो चुकी है।

21 सितंबर को आएगा फैसला: अदालत ने संज्ञान के बिंदु पर आदेश के लिए 21 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। यदि 14 सितंबर को हाईकोर्ट से कोई नया निर्देश आता है, तो आरोपी पक्ष अदालत में नई अर्जी दाखिल करने के लिए स्वतंत्र रहेगा। मुख्य आरोपी सुनील कुमार बंसल और राम निवास सुरजाखेड़ा 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। अदालत ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के खातों के जरिए जनता के लगभग 225 करोड़ रुपये के कथित गबन से जुड़ा हुआ है। ED की जांच में सामने आया था कि बैंक खातों के फर्जी संचालन के जरिए यह धोखाधड़ी की गई थी। जांच एजेंसी ने इस मामले में पूर्व अधिकारियों और पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया था और संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की है।