Edited By Manisha rana, Updated: 05 Jan, 2026 01:57 PM

हरियाणा सरकार ने राज्य में विकास कार्यों की प्रगति की निरंतर निगरानी करने, उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा उनके क्रियान्वयन में होने वाली देरी को रोकने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा सरकार ने राज्य में विकास कार्यों की प्रगति की निरंतर निगरानी करने, उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा उनके क्रियान्वयन में होने वाली देरी को रोकने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी नरेंद्र पाल मलिक तथा मुख्यमंत्री के सीनियर कंसल्टेंट करण अहलावादी को शामिल किया गया है। जन स्वास्थ्य विभाग के मुख्य अभियंता राजीव बातिश समीक्षा प्रक्रिया के लिए हरियाणा इंजीनियरिंग वक्र्स पोर्टल पोर्टल से संबंधित तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे।
यह समिति राज्य में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की हर 15 दिन में एक बार समीक्षा करेगी। इसके अतिरिक्त, विकास कार्यों की समग्र प्रगति की समीक्षा हर दो माह में एक बार मुख्यमंत्री के स्तर पर भी की जाएगी। समिति विकास परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति से लेकर कार्य आवंटन तक की समय-सीमा, प्रशासनिक स्वीकृति अथवा परियोजना की अवधारणा के बाद वास्तु संबंधी अनुमोदनों में होने वाली देरी, कार्य आवंटन और कार्य शुरू होने के बीच के समय, जिसमें अन्य विभागों से आवश्यक अनुमतियाँ भी शामिल हैं, तथा स्वीकृत परियोजनाओं की समय पर पूर्णता का मूल्यांकन करेगी।
इसके साथ ही समिति परियोजनाओं में देरी एवं लागत वृद्धि के कारणों की भी समीक्षा करेगी। आवश्यकता होने पर संशोधित प्रशासनिक स्वीकृतियों के पश्चात निर्धारित नई समय-सीमा का परीक्षण करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी कार्य निर्धारित अथवा संशोधित समय-सीमा के भीतर पूरे हों। इसके अतिरिक्त, सृजित परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देगी ताकि विकास कार्यों की दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित की जा सके। समिति इस संबंध में प्रगति की जानकारी हर महीने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को भी देगी।
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