Edited By Yakeen Kumar, Updated: 08 Oct, 2025 05:26 PM

शनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कार्यरत आशा वर्कर्स के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
हरियाणा डेस्क : नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कार्यरत आशा वर्कर्स के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब आशा वर्कर्स अपने काम के साथ-साथ ऑक्सिलरी नर्सिंग मिडवाइफरी (ANM) और जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) कोर्स कर सकेंगी। इससे उन्हें न केवल अपने कौशल को बढ़ाने का मौका मिलेगा, बल्कि MPHW फीमेल और नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के दौरान अनुभव के आधार पर 4 अंकों तक की वेटेज भी दी जाएगी।
सरकार ने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को आशा वर्कर्स के प्रदर्शन और अनुभव की अलग फाइल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय से प्रदेश की लगभग 22 हजार आशा वर्कर्स को सीधा लाभ मिलेगा। हिसार जिले में फिलहाल 1386 आशा वर्कर्स कार्यरत हैं। वर्ष 2005 में शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत इनका 6100 रुपए मासिक मानदेय तय है।
ये है वेटेज की कंडीशन
इस वेटेज का लाभ उन्हीं आशा वर्कर्स को मिलेगा जिनका अनुभव 6 महीने से 8 साल के बीच है। प्रत्येक वर्ष के अनुभव पर अतिरिक्त अंक जोड़े जाएंगे। अब न केवल NHM बल्कि नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में भी वेटेज का प्रावधान रहेगा। पढ़ाई के लिए आशा वर्कर्स को अपने स्टेशन से 20-25 किलोमीटर के दायरे में स्थित संस्थानों से सिविल सर्जन व प्रभारी की अनुमति लेकर प्रवेश लेना होगा।
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