भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि, 150 गाड़ी के डिब्बों को अकेले खींच ले जाएगा ये इंजन

Edited By vinod kumar, Updated: 17 Sep, 2020 05:45 PM

big achievement of indian railways

भारतीय रेल विभाग ने मालगाड़ियों का ज्याद से ज्यादा माल माल कम समय में पहुंचाने में बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय रेल ने मेक ए इंडिया के तहत अब देश का सबसे शक्तिशाली इंजन डब्ल्यूएजी 12 महाशक्ति शाली इंजन शुरु किया है। यह माल गाडी रेल तरक्की में नई...

हिसार (विनोद सैनी): भारतीय रेल विभाग ने मालगाड़ियों का ज्याद से ज्यादा माल माल कम समय में पहुंचाने में बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय रेल ने मेक ए इंडिया के तहत अब देश का सबसे शक्तिशाली इंजन डब्ल्यूएजी 12 महाशक्ति शाली इंजन शुरु किया है। यह माल गाडी रेल तरक्की में नई क्रांति लाएगा, जिससे देश के विकास में तरक्की रास्ते और खुलेंगे। 

इससे बड़े बड़े उद्योगो का काफी लाभ पहुंचेगा। क्योंकि यह अकेला ऐसा इंजन होगा जो 150 गाड़ी के डिब्बे अकेला खिचेगा। बिहार के मदेपुरा में इंजनों को तैयार किया जा रहा है। भारत में लगभग 800 इंजन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। कई इंजन भारतीय रेल में निकल कर आ चुके हैं और अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार है। यह रेल इंजन हिसार में आ गया है। यहां लोको पायलटों को इसकी चलाने की ट्रेंनिग दी जा रही है और उन्हें इसके बारे में टेक्निकल जानकारियां दी जा रही हैं।

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शक्तिशाली इंजन की जानकारी देते हुए हिसार के रेलवे स्टेशन अधीक्षक केएल चौधरी ने बताया कि इसको लेकर ट्रायल भी सफल हो चुका है। खास बात यह है कि दो इलेक्ट्रिक इंजन मिलाकर एक यूनिट बनाया गया है। जिसमें मालगाड़ी के ज्यादा डिब्बे खींचने की शक्ति होगी। छह हजार हार्सपावर यानी एक इंजन की बात करें तो वह मालगाड़ी के 58 से 60 डिब्बे खींच सकता ह,  मगर दो इंजन से तैयार किया गया यह डब्ल्यूजी 12 इंजन मालगाड़ी के 150 डिब्बे खींचने की क्षमता रखता है। 

यह देश का सबसे शक्तिशाली इंजन है। यह इंजन 11 सितंबर रात को हिसार पहुंचा और अगले दिन सुबह ही वापस चला गया। हिसार पहुंचने पर लोको पायलट को भी इंजन की ट्रेनिंग दी गई। खास बात है कि डब्ल्यूएजी.12 इंजन अकेला डेढ़ किलोमीटर तक लंबी मालगाड़ी को खींचने की क्षमता रखता है। 

इस इंजन की सामान्य गति 100 किलोमीटर प्रतिघंटा है। मगर इसे 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से भी चलाया जा सकता है। इसकी लंबाई 35 मीटर है। इसमें एक हजार लीटर हाई कंप्रेसर कैपिसिटी के दो टैंक है। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि यह इंजन मालगाडिय़ों को दौड़ाने में कारगर सिद्ध होगा। 

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इससे जहां एक ओर समय की बचत होगी। वहीं इस इंजन में लोको पायलट को भी बेहतरीन सुविधाएं मिलेगी। इंजन में पूरी तरह से वाताकूलिन होगा और पायलेटों के लिए इंजन में टायलेट बाथरुम में व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 6000 हजार हार्स पावर के इंजन होते थे, परंतु इस नए इंजन से देश के व्यापार जगत को बढ़ावा मिलेगा।

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