Medical Students के लिए खुशखबरी, इस आयुर्वेदिक कॉलेज को 100 सीटों पर दाखिले की मिली मंजूरी...

Edited By Isha, Updated: 02 Nov, 2025 11:20 AM

ayurvedic college has been approved for admission to 100 seatsayurvedic college

महेंद्रगढ़ के पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल को नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स में 1

ढेस्क:  महेंद्रगढ़ के पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल को नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स में 100 सीटों के साथ तीसरी बार अनुमति (थर्ड रिन्यूअल ऑफ परमिशन) प्रदान की गई है। यह अनुमति एनसीआईएसएम एक्ट, 2020 की धारा 29 के तहत दी गई है।

कॉलेज को यह अनुमति मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड, एनसीआईएसएम की ओर से 31 अक्तूबर को जारी पत्र के माध्यम से दी गई। यह पत्र बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सिद्धालिंगेश एम. कुदारी ने जारी किया है। एनसीआईएसएम ने पहले कॉलेज को 24 जुलाई को जारी पत्र में सीटों में कटौती के साथ अनुमति दी थी। लेकिन मंत्रालय ने अब सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त आयुष कॉलेजों में पूर्ण सीट क्षमता बहाल करने का निर्णय लिया है।

 
इसके तहत जिन कॉलेजों की सीटें घटाई गई थीं या अनुमति रोकी गई थी, उन्हें पूर्ण अनुमति प्रदान की गई है। पत्र में कहा गया है कि कॉलेज को पिछली अनुमति पत्र में बताए गए सभी बिंदुओं की कमियों को पूरा करना होगा। साथ ही, अनुपालना (कंप्लायंस) रिपोर्ट 31 दिसंबर तक मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड को भेजनी होगी। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो अगले शैक्षणिक सत्र की अनुमति प्रक्रिया रोकी जा सकती है।

 उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई सूचना
इस निर्णय की प्रतिलिपि राष्ट्रीय आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली आयोग की चेयरपर्सन, आयुष मंत्रालय, हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण), हरियाणा आयुष निदेशालय, और श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के रजिस्ट्रार को भी भेजी गई है। यह निर्णय बाबा खेतानाथ सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और क्षेत्र में आयुष प्रणाली को और बढ़ावा मिलेगा।

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