कृषि अध्यादेशों पर सियासत गर्म: केजरीवाल के ट्वीट पर विज का बड़ा पलटवार, कर डाली राक्षसों से तुलना

Edited By vinod kumar, Updated: 21 Sep, 2020 05:58 PM

कृषि से जुड़े तीन अध्यादेशों को लेकर हरियाणा में सियासत काफी गरमा गई है। किसान संगठन सहित विपक्ष इसको लेकर सरकार के खिलाफ उग्र बने हुए हैं। वहीं सरकार भी इस मसले को शांत करवाने में लगी हुई है। इस बीच अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले हरियाणा के...

अंबाला (अमन कपूर): कृषि से जुड़े तीन अध्यादेशों को लेकर हरियाणा में सियासत काफी गरमा गई है। किसान संगठन सहित विपक्ष इसको लेकर सरकार के खिलाफ उग्र बने हुए हैं। वहीं सरकार भी इस मसले को शांत करवाने में लगी हुई है। इस बीच अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने आज फिर नया बयान दे कर पूरे विपक्ष को राक्षस कह डाला। विज ने केजरीवाल सहित पूरे विपक्ष की तुलना उन राक्षसों से कर दी जो पुराने समय मे महाऋषियों के यज्ञ में हड्डियां डाल देते थे। 

दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंविद केजरीवाल ने ट्वीट करके आरोप लगाया की केंद्र सरकार ने तीनों अध्यादेशों के तहत किसानों को बड़ी कंपनियों के हाथों शोषण के लिए छोड़ दिया है। इसके साथ उन्होंने ट्वीट में गैरभाजपा पार्टियों को एक साथ राज्यसभा में इसका विरोध करने का भी आह्वान किया। 
 

 

केजरीवाल के इस ट्वीट पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने उन्हें आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का काम देश में आग लगाना है। विज ने चैलेंज किया कि केजरीवाल बताए कि विधेयक की कौन सी धारा में इसे किसी मल्टीनेशनल कंपनी को बेचा गया है। 

विज ने केजरीवाल और पूरे विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जब भी देश में कोई अच्छा काम होता है ये उसमें विघ्न डालने का काम करते हैं, जैसे पहले महाऋषियों के यज्ञ में राक्षस उसमे आ कर हड्डियां डाल देते थे और यह वही राक्षस हैं। उन्होंने ने कहा लेकिन हिंदुस्तान का किसान सब समझता है और वह यह समझ सकता है कि इस विधेयक से उस पर लगे सभी बंधन आजाद कर दिए गए हैं। वह कहीं भी अपनी फसल बेचे। विज ने कहा कांग्रेस एक नंबर की धोखेबाज पार्टी है। इन्होंने अपने घोषणा पत्र में ये विधेयक लाने की बात कही थी लेकिन ये नहीं लाए, अब हम ले आए तो यह शोर मचा रहे हैं।

सुखबीर बादल के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
इसके साथ ही गृह मंत्री विज ने सुखबीर बादल के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें, सुखबीर बादल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिर्फ एक ट्वीट इस मामले को खत्म नहीं कर सकता वह किसानों की आवाज उठाते रहेंगे। विज ने कहा कि बादलों की अपनी राजनीति है, लेकिन वह यह बताएं कि जिस दिन यह विधेयक जारी हुआ उस दिन उन्होंने त्यागपत्र क्यों नहीं दिया। आज लोकसभा में प्रस्तुत किया तब वह ऐसा कर रहे हैं, जबकि बिल में कोई बदलाव नहीं हुआ।

हुड्डा नासमझ आदमी
वहीं हरियाणा के पूर्व प्रधानमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर विज ने जवाब दिया। विज ने कहा कि हुड्डा नासमझ आदमी है, अभी विधानसभा एडजर्न नहीं हुई स्थगित हुई है। अभी हम सेशन में हैं जो कभी भी बुलाया जा सकता है। विज ने आरोप लगाया कि हुड्डा साहब वैसे तो सेशन बुलाने की बात करते हैं लेकिन सत्र से उठकर भाग जाते हैं और वहां ये बात नहीं करते, न कभी लोगों के मुद्दे उठाते हैं। 

वहां इन्हें बोलना नहीं आता और इनका गला चोक हो जाता है। ये केवल लोगों को भड़काने का काम करते हैं, क्योंकि ये लोगों के हक में नहीं है। अगर ये लोगों के हक में होते तो आजादी के 70 साल बाद भी किसानों की हालत यह नहीं होती। आज 70 साल बाद किसी सरकार ने किसानों को उनका हक दिया है।

 

 

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