5 करोड़ से दूर होगी गुड़गांव की गर्मी, NSUA और MCG के बीच हुआ MoU

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 11 Jun, 2026 04:42 PM

mcg signed mou with nsua for heat control in gurgaon

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में गुरुग्राम को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति अधिक सक्षम, सुरक्षित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में गुरुग्राम को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति अधिक सक्षम, सुरक्षित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान एनआईयूए) और नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के बीच हीट रेजिलिएंट सिटी परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस मौके निगमायुक्त प्रदीप दहिया के साथ अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार, केपीएमजी से समर्थ तथा एनआईयूए से अंशुल अब्बासी उपस्थित रहे।

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यह परियोजना केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की पहल के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव के कारण बढ़ रही गर्मी की चुनौतियों का वैज्ञानिक एवं दीर्घकालिक समाधान तैयार करना है।



देश के चुनिंदा 12 शहरों में शामिल हुआ गुरुग्राम
हीट रेजिलिएंट सिटीज परियोजना के तहत देश के 12 शहरों का चयन किया गया है, जिनमें गुरुग्राम भी शामिल है। परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक शहर को 5 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप गर्मी से बचाव एवं अनुकूलन से संबंधित परियोजनाएं लागू की जा सकें। इस पहल का उद्देश्य शहरों को हीट-रेजिलिएंट, जलवायु-अनुकूल एवं समावेशी बनाना है, ताकि भविष्य में बढ़ती गर्मी और चरम मौसम की घटनाओं के प्रभाव को कम किया जा सके।

हीट हॉटस्पॉट की होगी वैज्ञानिक पहचान
परियोजना के तहत गुरुग्राम में विस्तृत अध्ययन कर उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां तापमान सामान्य से अधिक रहता है। साथ ही, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से संवेदनशील आबादी तथा गर्मी से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों का भी आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों का अर्बन हीट आइलैंड आकलन, हीट मैपिंग और संवेदनशील क्षेत्रों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर शहर के लिए एक व्यापक सिटी हीट रेजिलिएंस एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर लागू होंगी नवाचार आधारित परियोजनाएं
नगर निगम गुरुग्राम द्वारा परियोजना के तहत विभिन्न पायलट प्रोजेक्ट लागू किए जाएंगे। इनमें शहरी हरित क्षेत्र बढ़ाना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना, सार्वजनिक स्थलों पर छायादार संरचनाओं का विकास, कूल रूफ तकनीक, जलवायु-अनुकूल शहरी नियोजन तथा अन्य नवाचार आधारित उपाय शामिल हो सकते हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के तापमान को नियंत्रित करना, नागरिकों को गर्मी से राहत प्रदान करना तथा पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।

सिटी हीट रेजिलिएंस फ्रेमवर्क होगा तैयार
परियोजना के तहत गुरुग्राम के लिए एक दीर्घकालिक हीट रेजिलिएंट सिटी फ्रेमवर्क एवं कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यह दस्तावेज भविष्य में शहर की विकास योजनाओं में जलवायु परिवर्तन एवं गर्मी से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। इसके अलावा परियोजना के प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन भी किया जाएगा ताकि भविष्य में अन्य शहरों में भी ऐसे मॉडल को लागू किया जा सके।

सामुदायिक भागीदारी और संस्थागत सहयोग पर विशेष जोर
परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए नगर निगम गुरुग्राम विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, शोध संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं, विशेषज्ञों और नागरिक समूहों के साथ मिलकर कार्य करेगा। समुदाय आधारित भागीदारी के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी समाधान विकसित किए जाएंगे।

15 माह में पूरा होगा प्रोजेक्ट
एमओयू के अनुसार यह परियोजना 15 माह की अवधि में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। नगर निगम गुरुग्राम परियोजना की प्रगति, प्रभाव आकलन तथा उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय-समय पर एनआईयूए और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को उपलब्ध कराएगा।

जलवायु-अनुकूल गुरुग्राम की दिशा में बड़ा कदम - निगमायुक्त
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि मेयर राजरानी मल्होत्रा के नेतृत्व में यह पहल गुरुग्राम को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में अधिक सक्षम बनाने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वैज्ञानिक डेटा, आधुनिक तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से शहर में गर्मी के प्रभाव को कम करने तथा सतत विकास को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह परियोजना गुरुग्राम को भविष्य की जलवायु चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से शहर में गर्मी के प्रभाव को कम करने, नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने और पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में गुरुग्राम को एक स्मार्ट, सुरक्षित, हरित और जलवायु-अनुकूल शहर बनाने के लिए नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

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