Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 09 Jun, 2026 09:18 PM

पूर्व सैन्य अधिकारी (मेजर) द्वारा देर रात को ट्रैफिक पुलिस द्वारा गाड़ी रुकवाकर ड्रंक एंड ड्राइव का चालान काटने के साथ ही उनके व परिवार के साथ पुलिस द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार को डीसीपी ट्रैफिक ने निराधार बताया है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): पूर्व सैन्य अधिकारी (मेजर) द्वारा देर रात को ट्रैफिक पुलिस द्वारा गाड़ी रुकवाकर ड्रंक एंड ड्राइव का चालान काटने के साथ ही उनके व परिवार के साथ पुलिस द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार को डीसीपी ट्रैफिक ने निराधार बताया है। डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत ने आज अपने कार्यालय में पत्रकारवार्ता कर बताया कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा नियमों के अनुसार ही चालान काटा गया है। उनके द्वारा ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगाए गए बॉडी वॉर्न कैमरे की जांच कर ली गई है। हालांकि पूर्व सैन्य अधिकारी की शिकायत पर विस्तृत जांच के लिए एसीपी को लगाया गया है।
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डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत ने बताया कि रात को एसओपी के तहत ही ड्रंक एंड ड्राइव नाके को लगाया जाता है। इसके लिए ड्यूटी पर कौन पुलिसकर्मी तैनात रहेगा और किसकी क्या ड्यूटी होगी यह पहले से तय होता है। जब पूर्व सैन्य अधिकारी की गाड़ी को रुकवाया गया तो उसमें यह देखा गया था कि महिलाएं भी हैं। ड्रंक एंड ड्राइव नाके के दौरान उन वाहनों की जरूर जांच की जाती है जिनमें महिलाएं एवं बच्चे बैठे हों। जांच के दौरान मशीन ने पूर्व सैन्य अधिकारी में एल्कोहल डिटेक्ट की और उसकी मात्रा बताई गई। जब बॉडी वॉर्न कैमरे की जांच की गई तो पाया कि उसमें पूर्व सैन्य अधिकारी स्वयं कह रहे हैं कि पुलिस ने उनके साथ कोई मिसबिहेव नहीं किया है, लेकिन वह चालान नहीं कटवाना चाहते, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने एल्कोहल की मात्र के अनुसार उनका चालान काट दिया जोकि अब कोर्ट में भुगता जाएगा।
उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने के दौरान ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के मौके से भागने की जो बात कही जा रही है वह सरासर गलत है, क्योंकि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को जो समय दिया गया है उस समय से पहले वह नाका नहीं छोड़ सकते। अगर निर्धारित समय से अधिक समय तक कोई पुलिसकर्मी नाका लगाकर वाहनों की जांच करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। ऐसे में जब वीडियो बनाई जा रही थी उस वक्त नाका हटाने का समय हो चुका था जिसके कारण पुलिसकर्मी मौके से चले गए। ट्रैफिक पुलिस पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वह बॉडी वॉर्न कैमरे की जांच के दौरान सभी झूठे साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गाड़ी के चालक पर गाड़ी को सुरक्षित चलाकर वाहन में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है। अगर चालक ही नशे में धुत होकर वाहन चलाएंगे तो न तो गाड़ी में मौजूद लोग सुरक्षित होंगे और न ही सड़क पर चल रहे दूसरे लोग सुरक्षित होंगे। हर वक्त दुर्घटना होने की संभावना बनी रहेगी।
आपको बता दें कि साइबर हब के पास शनिवार देर रात को नाकाबंदी कर ड्रंक एंड ड्राइव अभियान चला रही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर पूर्व सैन्य अधिकारी के साथ अभद्रता करने के आरोप लगे थे। पूर्व सैन्य अधिकारी ने ईमेल के जरिए पुलिस कमिश्नर सहित आला अधिकारियों को शिकायत दी थी कि चालान के नाम पर उन्हें ही नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार को हरास किया गया। बच्चे डर के मारे सड़क पर ही रोने लगे थे। उन्होंने एल्कोहल मशीन में प्रयोग होने वाले पाइप के गलत इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाते हुए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर मिसबिहेव करने का आरोप लगाया था। इस शिकायत को जांच के लिए डीसीपी ट्रैफिक के पास भेजा गया जिन्होंने मामले की जांच के लिए एसीपी स्तर के अधिकारी को लगाया है। वह मौके पर मौजूद प्रत्येक पुलिसकर्मी को जांच में शामिल कर बयान दर्ज कर रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।