भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट की सफलता पर अनिल विज ने जताया गौरव, बोले- 'आसमान को चीरकर निकला है नया भारत'

Edited By Krishan Rana, Updated: 18 Jul, 2026 07:51 PM

anil vij expressed pride over the success of india s first private rocket sayin

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने भारत के पहले निजी रॉकेट 'विक्रम-एस' के सफल अंतरिक्ष

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने भारत के पहले निजी रॉकेट 'विक्रम-एस' के सफल अंतरिक्ष अभियान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे देश के वैज्ञानिक इतिहास की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल एक रॉकेट के प्रक्षेपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत, वैज्ञानिक नवाचार और विकसित भारत के संकल्प की सशक्त अभिव्यक्ति है।

अनिल विज ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "आसमान को चीरकर निकला है नया भारत! भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट #VikramS आज अंतरिक्ष के सफर पर सफलतापूर्वक रवाना हो गया। प्राइवेट सेक्टर के इस ऐतिहासिक कदम और इसरो के सहयोग ने वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत का डंका बजा दिया है। हर भारतीय के लिए आज गर्व का दिन है। भारत माता की जय!"

विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। आज देश केवल सरकारी संस्थानों के भरोसे नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों को अवसर देने का निर्णय दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब पूरी दुनिया देख रही है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपनी विश्वसनीयता और तकनीकी उत्कृष्टता के बल पर पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ाया है। अब इसरो के सहयोग से निजी क्षेत्र भी अंतरिक्ष विज्ञान में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है, जिससे भारत वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और युवा उद्यमियों के अथक परिश्रम का परिणाम है। इससे भारत के युवाओं में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का उत्साह बढ़ेगा तथा स्टार्टअप संस्कृति को भी नई ऊर्जा मिलेगी। अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ने से अनुसंधान, रोजगार और आधुनिक तकनीकों के विकास को भी गति मिलेगी।

अनिल विज ने कहा कि भारत अब केवल अंतरिक्ष कार्यक्रमों में भागीदारी करने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को नई तकनीक और नए समाधान देने वाला राष्ट्र बन रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा और "मेक इन इंडिया" तथा "आत्मनिर्भर भारत" जैसे अभियानों को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए इसरो के वैज्ञानिकों, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े सभी विशेषज्ञों तथा पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत ने हर भारतीय का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। विज ने कहा कि यह सफलता देश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देगी।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं। भारत का अंतरिक्ष अभियान अब केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति, राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व का भी प्रतीक बन चुका है। 

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)  

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!