Edited By Krishan Rana, Updated: 05 Jul, 2026 01:34 PM

हरियाणा में अम्बाला के गांव धन्यौड़ा में हुए हादसे के बाद परिजनों द्वारा शिकायत देने के
अम्बाला : हरियाणा में अम्बाला के गांव धन्यौड़ा में हुए हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में जहां 4 वर्षीय मासूम ने दम तोड़ दिया था वहीं, परिजनों द्वारा शिकायत देने के बाद FIR दर्ज की गई थी। मासूम निरवैर की मौत के मामले में दर्ज FIR के आधार पर अम्बाला सदर की टीम ने मामले में संलिप्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने हरनेक सिंह, दिलप्रीत सिंह और उसके चाचा बलजीत सिंह के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में गुरदीप सिंह गांव धन्यौड़ा ने बताया कि गांव के हरनेक सिंह व उसके भाई स्व्व महिंद्र सिंह के ज्वाइंट खेत हैं। खेतों को हरनेक सिंह व उसके भतीजे रिकू ने अपने ही गांव के दिलप्रीत सिंह व उसके चाचा बलजीत सिंह गांव धन्यौड़ा की ठेके पर दिया हुआ है।
ताया करनैल सिंह अपने घर से खेतों में पानी देने के लिए चला गया था और उसके बाद करीब 6.15 वाया का लड़का मनजीत सिंह व मनजीत सिंह का लड़का निरवैर सिंह खेतों में करनैल सिंह का खाना लेकर आए थे। करनैल सिंह अपने ही गांव के दिलप्रीत सिंह व उसके चाचा बलजीत सिंह द्वारा हरनेक सिंह से ठेके पर लिए हुए खेतों के ट्यूबवैल के पास अपने खेत में बैठा था और पानी दे रहा था।
आपको बता दें कि मासूम निरवैर खेलते-खेलते एक खुले बोरवेल में गिर गया था। बच्चे को बचाने के लिए जिला पुलिस, एनडीआरएफ , एसडीआरएफ और सेना की टीमों ने घंटों तक साझा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। लेकिन बोरवेल में पानी होने और तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे को जिंदा नहीं बचाया जा सका। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
परिजनों का आरोप है कि यह बोरवेल पूरी तरह से खुला हुआ था। पुराना बोरवेल फेल होने के बाद पास में ही नया बोरवेल करवा लिया गया था, लेकिन पुराने बोरवेल को बिना ढके और बिना किसी चेतावनी बोर्ड के वैसे ही छोड़ दिया गया। इसी बड़ी लापरवाही के चलते मासूम निरवैर की जान चली गई।
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