Edited By Isha, Updated: 19 May, 2026 10:06 AM

हरियाणा के बहुचर्चित ए.जे.एल. (एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) प्लाट आबंटन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा व अन्य आरोपियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) ने पंचकू
चंडीगढ़: हरियाणा के बहुचर्चित ए.जे.एल. (एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) प्लाट आबंटन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा व अन्य आरोपियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) ने पंचकूला स्थित विशेष पी.एम.एल.ए. अदालत द्वारा मनी लान्ड्रिंग मामले की कार्यवाही बंद करने के आदेश को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। ई. डी. ने न केवल विशेष अदालत के 3 अप्रैल 2026 के आदेश को रद्द करने की मांग की बल्कि उस पर तत्काल अंतरिम रोक लगाने की भी अपील की गई है।
मामले में महत्वपूर्ण मोड़ 25 फरवरी 2026 को आया जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मूल आपराधिक मामले में आरोपियों को राहत दी। इसके बाद पंचकूला की विशेष पी.एम.एल.ए. अदालत ने यह कहते हुए ई.डी. की कार्यवाही समाप्त कर दी कि जब मूल अपराध ही समाप्त हो गया तो मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही टिक नहीं सकती। हालांकि अदालत ने यह छूट दी थी कि यदि भविष्य में सुप्रीम कोर्ट मूल मामले को बहाल करता है तो ई. डी. दोबारा कार्रवाई शुरू कर सकती है।
विशेष अदालत ने की है गलत व्याख्या : ईडी
अब ई.डी. ने हाईकोर्ट में दलील दी है कि पी.एम.एल.ए. अदालत ने कानून की गलत व्याख्या की। एजेंसी अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग एक स्वतंत्र अपराध है और सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच केवल मूल एफ.आई.आर. पर निर्भर नहीं रहती। ई. डी. ने यह भी बताया कि सी.बी.आई. पहले ही हाईकोर्ट के फरवरी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुकी है जहां नोटिस जारी हो चुका है। ऐसे में कार्यवाही बंद रहने से कुर्क सम्पत्ति मुक्त करवाने की कोशिशें जांच को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकती हैं। सोमवार को हाईकोर्ट के जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने याचिका पर सुनवाई करते हुए भूपेंद्र हुड्डा व अन्य आरोपियों को 8 जुलाई लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।