Edited By Harman, Updated: 08 Jun, 2026 04:56 PM

पंचकूला में करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की शामलात भूमि (सांझी जमीन) को लेकर चल रहे स्वामित्व विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मामले में सरकार की ओर से रिपोर्ट तलब की गई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
पंचकूला (उमंग) : पंचकूला में करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की शामलात भूमि (सांझी जमीन) को लेकर चल रहे स्वामित्व विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मामले में सरकार की ओर से रिपोर्ट तलब की गई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
इस विवाद के बढ़ने के बाद अब जिला प्रशासन ने भी जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले को लेकर पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा ने आज पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस प्रकरण की जांच के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि नगर निगम सहित संबंधित विभागों से जो भी रिकॉर्ड मांगा जाएगा, वह उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत जांच उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा की जा रही है और सभी तथ्यों की गहन समीक्षा की जाएगी।
इस भूमि विवाद को लेकर क्षेत्र में लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बनी हुई है। शामलात भूमि के स्वामित्व को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आने के बाद मामला और जटिल हो गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।
काबिले जिक्र है कि पंचकूला में ₹200 करोड़ की शामलात भूमि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। यह मामला 72 बीघा भूमि से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें स्वामित्व और नामांतरण प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। जानकारी के अनुसार, आरोप है कि संबंधित भूमि पर कुछ मामलों में गलत तरीके से अधिकार परिवर्तन और रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका जताई गई है। इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज कर दी गई है।