शहादत के 75 साल बाद आएगी नौगांवा के हरिसिंह की अस्थियां

Edited By Naveen Dalal, Updated: 28 May, 2019 10:15 PM

75 years after martyrdom the bones of harisinh nauganwa

झज्जर के गांव नौगांवा के हरिसिंह करीब 75 साल पहले द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इटली में ब्रिटिश इंडियन आर्मी की फ्रंटियर फोर्स राइफल के सिपाही...

झज्जर (प्रवीन धनखड़): झज्जर के गांव नौगांवा के हरिसिंह करीब 75 साल पहले द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इटली में ब्रिटिश इंडियन आर्मी की फ्रंटियर फोर्स राइफल के सिपाही पर तैनात थे और युद्ध में शहीद हो गए थे। लेकिन उसके बाद अब उनके परिवार वाले और गांव वाले उनकी अस्थियां आने का बड़ी ही बेशब्री से इंतजार कर रहे है। जिला सैनिक बोर्ड द्वारा अस्थियां अगले तीन रोज के भीतर आने की बात कही गई है। हरिसिंह की शहादत की पुष्टि इटली सरकार ने अक्टूबर माह में की थी।

जानकारी के अनुसार द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान झज्जर के गांव नौगांवा के हरिसिंह और हिसार के नंगथला गांव निवासी पालुराम ब्रिटिश इंडियन आर्मी की फ्रंटियर फोर्स राइफल में सिपाही के तौर पर कार्यरत थे। वर्ष 1947 के बंटवारे के दौरान यह राइफल पाकिस्तान को सौंप दी गई थी। इस राइफल ने द्वितीय विश्व युद्ध (वर्ष 1939 से 1945) के दौरान इटली में जाकर युद्ध लड़ा था। दोनों सिपाही वर्ष 1944 में इटली में शहीद हो गए थे लेकिन इनके शव नहीं मिले थे। दोनों को 13 सितंबर, 1944 को गुमशुदा घोषित कर दिया गया था।

इसके बाद वर्ष 1996 को इटली में मानव कंकाल के कुछ अवशेष मिले और डीएनए जांच के दौरान वर्ष 2012 में खुलासा हुआ कि ये कंकाल करीब 20 से 22 वर्ष के युवकों के है और यूरोपीय नस्ल से मेल नहीं खाते। बाद में कॉमनवेल्थ ग्रेव कमिशन से मिले डाटा की जांच से खुलासा हुआ कि ये कंकाल ब्रिटिश इंडियन आर्मी की फ्रंटियर फोर्स राइफल के दो सिपाही के हैं और जांच के बाद इसकी पुष्टि हो गई। बताया जाता है कि दोनों का संस्कार इटली में कर दिया गया है और उनकी मिट्टी अब भारत आएगी।

पोती बोली दादा की शहादत पर गर्व, श्रद्धाजंलि देने का इंतजार
इटली में शहीद हुए गांव नौगांवा के हरि सिंह बेशक अविवाहित थे, लेकिन उनकी दूसरी पीढ़ी के लोग उनकी शहादत को गांव के लिए गर्व की बात मानते है। हरि सिंह के बड़े भाई की पोती सोनिया का कहना है कि जब से सेना द्वारा उन्हें उनके दादा की अस्थियां आने की सूचना दी गई है। उसके बाद से परिवार के सभी लोग उन्हें अपनी श्रद्धाजंलि देने का इंतजार कर रहे। यह सम्भव उनकी अस्थियां आने के बाद ही होगा। शहीद हरिसिंह के सेना द्वारा दिए गए मैडल को भी उन्होंने मीडिया को दिखाया।

वहीं जिला सैनिक बोर्ड झज्जर के प्रवक्कता रणबीर सिंह ने बताया कि सेना से जो पत्र जिला सैनिक बोर्ड को मिला है उसके अनुसार शहीद हरि सिंह जी की अस्थियां वतन की मिट्टी पर लाने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। प्रारम्भिक तौर पर सूचना यहीं है कि अगले तीन रोज में यह अस्थियां यहां झज्जर आ सकती है। इस बारे में हरि सिंह के परिवार वालों को सूचना दे दी गई है।

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