Edited By Manisha rana, Updated: 07 Apr, 2026 03:17 PM

अंबाला-नारायणगढ़ हाईवे पर चीख-पुकार और मलबे में तब्दील ये गाड़ियाँ गवाही दे रही हैं कि टक्कर कितनी जोरदार थी। जानकारी के मुताबिक शहजादपुर का रहने वाला लक्ष्य अपने बीमार पिता को अंबाला के अस्पताल में भर्ती कराकर एम्बुलेंस से वापस लौट रहा था।
अंबाला (अमन कपूर) : अंबाला-नारायणगढ़ हाईवे पर चीख-पुकार और मलबे में तब्दील ये गाड़ियाँ गवाही दे रही हैं कि टक्कर कितनी जोरदार थी। जानकारी के मुताबिक शहजादपुर का रहने वाला लक्ष्य अपने बीमार पिता को अंबाला के अस्पताल में भर्ती कराकर एम्बुलेंस से वापस लौट रहा था। उसे क्या पता था कि जिस एम्बुलेंस को लोग जीवन बचाने वाली गाड़ी कहते हैं, वही उसकी आखिरी सवारी बन जाएगी।
बता दें कि एम्बुलेंस जैसी ही धनाना गांव के पास पहुंची तो सामने से आ रही स्वामी देवीदयाल संस्थान की तेज रफ्तार बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों की मानें तो धमाका इतना तेज था कि एम्बुलेंस के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में एम्बुलेंस चालक बलविंदर और लक्ष्य की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात सुचारू करवाया।
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