Edited By Isha, Updated: 27 May, 2026 03:17 PM

कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया को व्हाट्सएप कॉल कर गालियां व धमकी देने के मामले में शहर थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर चंडीगढ़ भेज दी है। विधायक सेतिया की ओर से लिखित में दी गई शिकायत प
सिरसा: कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया को व्हाट्सएप कॉल कर गालियां व धमकी देने के मामले में शहर थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर चंडीगढ़ भेज दी है। विधायक सेतिया की ओर से लिखित में दी गई शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। विधायक गोकुल सेतिया को रविवार देर रात एक शख्स ने व्हाट्सएप कॉल कर गालियां व धमकी दीं। इसके बाद गोकुल सेतिया ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट अपलोड की। विधायक गोकुल सेतिया ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कोई शख्स मेरे साथ फोन पर गाली-गलौज कर रहा है। धमकी दी जा रही।
अब इसे लेकर विधायक सेतिया ने सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान जारी कर अपनी ही पार्टी के स्थानीय नेताओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया है कि फोन पर गाली-गलौज करने वाले लोग स्थानीय कांग्रेस नेताओं के बेहद करीबी हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे विवाद में जातिगत एंगल और पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी को उजागर कर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
विधायक गोकुल सेतिया ने पार्टी के भीतर अपने अकेलेपन और गुटबाजी पर खुलकर दर्द बयां किया। उन्होंने लिखा कि केवल हुड्डा साहब (भूपेंद्र सिंह हुड्डा) ने मुझे फोन करके मदद के लिए पूछा, और किसी कांग्रेसी ने सुध नहीं ली। इंसान को भी उन शख्स के लिए काम करने में मजा आता है जो अपने लोगों के लिए खड़े हों।" सेतिया ने सीधे तौर पर स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें धमकी भरा कॉल करने वाले कोई बाहरी नहीं, बल्कि स्थानीय कांग्रेसी नेताओं के ही खास साथी हैं। विधायक ने कहा कि उनके पास इस बात के पक्के सबूत मौजूद हैं कि आरोपी किस नेता से जुड़े हैं।
उन्होंने नेताओं को ललकारते हुए कहा, "आज आप अपना खुला स्पष्टीकरण दें ऐसे लोगों पर। अगर आप नाम लेकर इनका विरोध नहीं करते, तो यही माना जाएगा कि ये लोग आपकी ही शह (इशारे) पर यह सब कर रहे थे। धमकी देने वाले शख्स ने बातचीत के दौरान विधायक के लिए जातिसूचक शब्द ('किर्याड बनिया') का इस्तेमाल किया था। इस पर पलटवार करते हुए गोकुल सेतिया ने कहा कि "हाँ, हम बनिया हैं! लेकिन उस साथी को मैंने कॉल पर ही अच्छे से जवाब दे दिया था। हम तो 36 बिरादरी का मान-सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ लोग विशेष बिरादरी को अपमानित करके अपने समाज को बदनाम कर रहे हैं। मानवता ही सबसे ऊपर है।"
विधायक ने यह भी साफ किया कि उनके पास उस पूरी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। उन्होंने मर्यादा का ध्यान रखते हुए इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया है क्योंकि उन्होंने आरोपी को 'उसी की भाषा' में करारा जवाब दिया था।