चुनावी खर्च छिपा रहे 11 राजनीतिक दलों पर बड़ा संकट, रजिस्ट्रेशन हो सकता है रद्द

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 02 Oct, 2025 08:05 PM

11 political parties hiding election expenses face major crisis

प्रदेश के 11 राजनीतिक दलों पर चुनाव आयोग की कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

चंडीगढ़ : प्रदेश के 11 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों पर चुनाव आयोग की कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इन दलों पर आरोप है कि इन्होंने चुनावी खर्च और वार्षिक खातों की रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं की। आयोग ने नोटिस जारी कर 13 अक्टूबर तक सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद 16 अक्टूबर को इन दलों के प्रतिनिधियों को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा। यदि आयोग उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होता, तो इनका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।

नोटिस जिन दलों को भेजा गया है, उनमें आदर्श जनता सेवा पार्टी करनाल, आपकी अपनी अधिकार पार्टी फरीदाबाद, आरक्षण विरोधी पार्टी फरीदाबाद, अंबेडकर समाज विकास पार्टी यमुनानगर, राष्ट्रीय जनशक्ति पार्टी (एकलव्य) पानीपत, राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी सोनीपत, राष्ट्रीय लोकस्वराज पार्टी करनाल, राष्ट्रीय सहारा पार्टी गुरुग्राम, रिपब्लिकन बैकवर्ड कांग्रेस चरखी दादरी, सर्व जन समाज पार्टी हिसार और टोला पार्टी पलवल शामिल हैं।

3 साल से नहीं दी वित्तीय रिपोर्ट

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि सभी पंजीकृत राजनीतिक दलों के लिए वार्षिक लेखापरीक्षित खाते और चुनावी व्यय रिपोर्ट समय पर देना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार विधानसभा चुनाव में खर्च का ब्योरा 75 दिनों के भीतर और लोकसभा चुनाव में 90 दिनों के अंदर जमा करना होता है। लेकिन इन दलों ने बीते 3 वित्तीय वर्षों की रिपोर्टें भी तय समय में दाखिल नहीं कीं, जिसके चलते अब इनका भविष्य अधर में लटक गया है।

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