शेर नहीं गाय को घोषित किया जाए राष्ट्रीय पशु: स्वामी आर्यवेश

Edited By Shivam, Updated: 15 Jan, 2020 06:40 PM

आर्य समाज के क्रांतिकारी संत स्वामी आर्यवेश ने उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, क्योंकि गाय एक ऐसा पशु है जो मानव जीवन के लिए हर प्रकार से लाभकारी है। इसलिए गऊ को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। उन्होंने...

भिवानी (अशोक भारद्वाज): आर्य समाज के क्रांतिकारी संत स्वामी आर्यवेश ने उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, क्योंकि गाय एक ऐसा पशु है जो मानव जीवन के लिए हर प्रकार से लाभकारी है। इसलिए गऊ को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि शेर की सुरक्षा सही बात है, लेकिन शेर जंगल का पशु है, जिससे जनजीवन को कोई लाभ नहीं है, लेकिन गाय का हर प्रकार से देश के जन जीवन को बड़ा लाभ है।

हरियाणा के भिवानी के हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोड़ी धाम मंदिर परिसर में स्वामी विवेकानंद एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पखवाड़े में आर्य समाज के क्रांतिकारी संत स्वामी आर्यवेश ने शिरकत की। इसके उपरांत स्वामी ने राष्ट्रवादी संत महंत चरण दास महाराज के साथ गौ रक्षा कर मंत्रणा की। कार्यक्रम में बोलते हुए स्वामी आर्यवेश ने कहा कि आज देशभर में गोवंश पर चिंतन किया जा रहा है। युवा एवं महिलाओं के सम्मान को लेकर चिंतन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश के अंदर गोवंश की बुरी स्थिति हो रही है।

उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को सही रास्ते पर लाने के लिए आज जरूरत है। युवाओं को महान पुरुषों के जीवन प्रसंग से जोड़ा जाए क्योंकि महान पुरुषों ने राष्ट्र व धर्म की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है। इसलिए युवाओं को इनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रधर्म के रक्षा के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस दोनों विश्व में ऐसी पहचान थे, जिनसे देश को मजबूती मिली। नौजवानों को चाहिए कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश को बचाएं क्योंकि देश पतन की तरफ बढ़ रहा है, जिसको युवा वर्ग बचा सकता है।

उन्होंने कहा कि इन तमाम विषयों को लेकर हरियाणा के सोनीपत से 12 फरवरी से 18 फरवरी तक 9 जिलों में जन जागरण यात्रा चलेगी। जिसमें अनेक संत महात्मा, युवा, महिलाएं, गौ रक्षक सहित अनेक के सामाजिक संगठनों के लोग शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि आज गोवंश खतरे में है, गोवंश को बचाने के लिए हर घर को आगे आना होगा। हर घर में गौ को बांधना होगा, तभी गाय बच पाएगी। उन्होंने कहा कि गाय का जीवन किसान के साथ जुड़ा हुआ है, किसान की कृषि का बेस कभी गोवंश होता था। उस परिपाटी को हम फिर से लाने का प्रयास करेंगे।

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