Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 30 Jun, 2023 11:02 PM

जिले में आशियाने का सपना पाले लोगों की हिम्मत अब जबाव देने लगी है। ऐसा ही एक मामला सेक्टर-68 के माहिरा प्रोजेक्ट में फ़्लैट का आवंदन रद्द होने का है। जिसमें लोन की किश्त को लेकर निजी बैंक के उत्पीड़न से परेशान होकर एक महिला ने खुदखुशी करने का प्रयास...
गुडगांव, (ब्यूरो): जिले में आशियाने का सपना पाले लोगों की हिम्मत अब जबाव देने लगी है। ऐसा ही एक मामला सेक्टर-68 के माहिरा प्रोजेक्ट में फ़्लैट का आवंदन रद्द होने का है। जिसमें लोन की किश्त को लेकर निजी बैंक के उत्पीड़न से परेशान होकर एक महिला ने खुदखुशी करने का प्रयास किया। गंभीर हालात में मिहला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वह उपचाराधीन है।
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जानकारी के मुताबिक महिला प्रोजेक्ट के खरीदार विनोद कुमार कुशवाहा की पत्नी है। बताया जाता है कि इससे 2 दिन पूर्व भी उसने खुद को चोट पहुंचा कर आत्महत्या की कोशिश की थी। महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां वह उपचाराधीन थी। वही महिला द्वारा खुद आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद माहिरा बिल्डर ने तुरंत ही 4 लाख रुपये फ्लैट वापस कर दिए है। बाकी रकम एक महीने के अंदर देना तय हुआ है। वहीं इस मामले में माहिरा होम्स कंपनी के एमडीए सिकंदर छोकर से संपर्क करने के बाद भी उन्होने काल स्वीकार नही की।
15 लाख कर चुकी है अदा
माहिरा प्रोजेक्ट सूत्रों की मानें तो सेक्टर-68 प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने वालीं शिखा के पति विनोद कुमार कुशवाहा है। उन्होने बताया कि वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश बलिया जिले के बेलथरा गांव रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष-2018 में महिरा प्रोजेक्ट में दो वेडरूम फ्लैट 24.50 लाख रुपये में बुक कराया था। बिल्डर को 15 लाख रुपये दे चुके थे। इसके लिए गुरुग्राम के ही आईसीआईसीआई बैंक से 12.50 लाख रुपये का लोन लिया था।
फ्लैट मांगने पर की बुकिंग रद्द
ज्ञात हो कि फ्लैट बुकिंग के 3 साल बाद बिल्डर द्वारा आवंटी से 9 लाख रूपए की मांग की गई। आरोप है कि समय से पैसा नही होने पर बिल्डर ने फ्लैट को रदद कर दिया। लोन की किश्त के लिए बैंक वाले घर पर आकर परेशान करने लगें। जिससे तंग आकर महिला ने अपने आप को हमेशा के लिए अलविदा करने की कोशिश की।