विभाजन की पीड़ा को समझना इतिहास से सीख लेने का अवसर- नितिन नबीन

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 14 Aug, 2026 06:42 PM

understanding the pain of partition is an opportunity to learn from history

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नितिन नबीन ने आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर गुरुग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में पीड़ा और बलिदान झेलने वाले लाखों लोगों को नमन किया।

गुड़गांव, (ब्यूरो): भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नितिन नबीन ने आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर गुरुग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में पीड़ा और बलिदान झेलने वाले लाखों लोगों को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह दिवस उस पीड़ा को याद करने और आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से जोड़ने का माध्यम है।

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नितिन नबीन ने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापन का दंश झेलना पड़ा। अनेक लोगों ने अपने परिजनों को खोया और अमानवीय परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा को याद करने का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, राज्यसभा सांसद संजय भाटिया, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, सांसद एवं विधायकगण, हरियाणा सरकार के मंत्रीगण, संत-महात्मा, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 

 

उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र अपने इतिहास को समझता और उससे सीख लेता है, वही अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का निर्णय इसी उद्देश्य से लिया गया, ताकि नई पीढ़ी विभाजन की वास्तविकता और उस समय आम लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा से परिचित हो सके। नबीन ने कहा कि कठिन समय में समाज के लोगों ने आगे बढ़कर पीड़ित परिवारों की सहायता की। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि विभाजन की त्रासदी हमें मानवता, सेवा और सामाजिक एकजुटता का महत्व सिखाती है।

 

एकता और अखंडता के साथ विकास के पथ पर भारत

उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आज भारत का युवा स्टार्टअप, खेल, नवाचार और विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रहा है। जम्मू-कश्मीर के युवाओं में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवा अब राष्ट्र निर्माण और देश की प्रगति में योगदान देने की भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

 

कांग्रेस पर साधा निशाना

नितिन नबीन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लिए देश के विभाजन को स्वीकार करने वाले तत्कालीन नेतृत्व ने करोड़ों लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों से कांग्रेस ने कभी सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी और लंबे समय तक इस त्रासदी के सच को सामने नहीं आने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कांग्रेस ने देश के विभाजन की नींव रखी, आज वही देश को जोड़ने की बात करती है, जबकि उसकी विभाजनकारी मानसिकता आज भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता राष्ट्रीय एकता, विरासत और विकास के साथ आगे बढ़ना चाहती है, जबकि विपक्ष की राजनीति समाज को बांटने की दिशा में दिखाई देती है। उन्होंने युवाओं से ऐसी राजनीति से दूर रहकर राष्ट्रहित और विकसित भारत के निर्माण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

 

हरियाणा में युवाओं और बेटियों को मिल रहे अवसर

उन्होंने कहा कि हरियाणा आज पारदर्शी व्यवस्था और युवाओं को अवसर देने वाले प्रदेश के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में बिना पर्ची-बिना खर्ची के रोजगार देने की व्यवस्था ने युवाओं का विश्वास मजबूत किया है। हरियाणा की बेटियां खेलों में लगातार देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के योगदान की सराहना की। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इतिहास से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। नबीन ने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम, विभाजन की त्रासदी और देश के इतिहास से अवश्य परिचित कराएं, ताकि नई पीढ़ी अपने अतीत को समझकर देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान दे सके।

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