Haryana: सोनीपत में 4 दोषियों को सजा-ए-मौत, मां के सामने 2 नाबालिग बहनों से दुष्कर्म के बाद की थी हत्या

Edited By Saurabh Pal, Updated: 25 Nov, 2023 09:59 AM

sonipat court gave verdict case of gang rape minor sisters

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरुचि अतरेजा सिंह की बेंच ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने मां के सामने 2 बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने व बाद में कीटनाशक पिलाकर हत्या करने के बहुचर्चित मामले 4 आरोपियों को दोषी करार...

सोनीपत(सन्नी मलिक): अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरुचि अतरेजा सिंह की बेंच ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने मां के सामने 2 बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने व बाद में कीटनाशक पिलाकर हत्या करने के बहुचर्चित मामले 4 आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने चारों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने दो साल एक माह व 10 दिन में फैसला सुनाते हुए बहुचर्चित मामले में चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने चारों को फांसी की सजा सुनाते हुए उनके अपराध को नृशंस करार देते हुए उनके लिए मृत्युदंड को उपयुक्त बताया।  

बिहार के रहने वाले हैं आरोपी

जानकारी के अनुसार मूलरूप से बिहार की रहने वाली महिला ने 9 अगस्त 2021 को कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि वह अपनी दो बेटियों व तीन बेटों के साथ कुंडली थाना क्षेत्र के गांव में किराए पर रहती है। उसने सबसे बड़ी बेटी व बेटे की शादी कर रखी है। जहां वह किराए पर रहते हैं, उसी परिसर में अलग कमरे में बिहार के चार अन्य युवक भी रहते थे। विधवा 5 अगस्त, 2021 की रात को कमरे में अपनी 13 व 15 साल की बेटियों के साथ सो रही थी। उसके बेटे छत पर सो रहे थे। देर रात करीब 12 बजे चारों युवक मूलरूप से बिहार के जिला दरभंगा के गांव मजगाही निवासी अरुण पंडित, गांव मसहोरी निवासी फूलचंद, झकेली निवासी दुखन पंडित और समस्तीपुर के गांव बाड़ा निवासी रामसुहाग कमरे में घुस गए। उन्होंने कमरे में उसकी बेटियों को दबोच लिया था। अरुण व फूलचंद सदा ने बड़ी बेटी व दुखन पंडित तथा राम सुहाग ने छोटी बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया था। विरोध करने पर बाद में दोनों बेटियों को कमरे में रखा कीटनाशक पिला दिया था। जिससे उनकी हालत बिगड़ गई थी।

डर की वजह से मां ने पुलिस से बोला झूठ

आरोपियों ने महिला को धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को इस बारे में कुछ बताया तो वह उसके बेटों को मार देंगे। बेटों को मारने की धमकी के चलते महिला डरकर चुप रही थी। वह बेटियों को लेकर छत पर चली गई। तड़के चार बजे तक दोनों बहन छत पर तड़पती रही। फिर जब उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई तो दोनों को दिल्ली के नरेला स्थित राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उनकी मौत हो गई थी। कुंडली थाना पुलिस के सामने महिला ने सर्पदंश से बेटियों की मौत होने की बात कही थी। जिस पर दिल्ली में दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया था। जिसकी रिपोर्ट मिलने पर पुलिस को पता था कि लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। इसके साथ ही उन्हें कोई कीटनाशक पिलाया गया है। तब तत्कालीन थाना प्रभारी रवि की टीम में शामिल जांच अधिकारी उषा मलिक ने महिला से पूछताछ की थी। तब जाकर सच्चाई सामने आई। जिस पर चारों आरोपियों अरुण, फूलचंद, दुखन पंडित और राम सुहाग के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कर लिया था। उषा मलिक की टीम ने चारों को गिरफ्तार कर लिया था।

2 वर्ष 40 दिन बाद मिला इंसाफ

इस मामले में सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। चारों को फांसी की सजा सुनाई गई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो साल एक माह और 10 दिन में फैसला सुनाया है। यह मामला अदालत में 8 अक्तूबर, 2021 को पहुंचा था। दोषियों को भादंसं की धारा 302 में फांसी, 376 डीए पॉक्सो एक्ट में फांसी की सजा दी है। धारा 328 में 10 साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, 120बी में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना किया गया है।

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