स्मृति ईरानी की रणनीति से हरियाणा भाजपा को मिलेगी नई धार, पार्टी संगठन को मिलेगा लाभ : अनिल विज

Edited By Krishan Rana, Updated: 24 Sep, 2026 08:17 PM

smriti irani s strategy will give a new edge to haryana bjp party organization

भाजपा की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा का प्रभारी बनाए जाने

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): भाजपा की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा का प्रभारी बनाए जाने के बाद प्रदेश की सियासत में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने स्मृति ईरानी की नियुक्ति का स्वागत करते हुए उन्हें कुशल रणनीतिज्ञ बताया है। 

विज ने कहा कि स्मृति ईरानी के हरियाणा प्रभारी बनने से पार्टी संगठन को लाभ मिलेगा और इसका सकारात्मक असर सरकार के कामकाज पर भी पड़ेगा। उनके मुताबिक, स्मृति ईरानी के अनुभव से सरकार और संगठन दोनों को और तेजी से आगे बढ़कर काम करने में मदद मिलेगी।भाजपा ने 23 सितंबर को देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं। हरियाणा की जिम्मेदारी स्मृति ईरानी को दी गई है, जबकि सांसद डॉ. भोला सिंह को सह-प्रभारी बनाया गया है।

कुशल रणनीतिज्ञ हैं स्मृति ईरानी
स्मृति ईरानी को हरियाणा की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर अनिल विज ने कहा कि वह एक कुशल रणनीतिज्ञ हैं। राष्ट्रीय राजनीति और सरकार में लंबे अनुभव के साथ अब उन्हें हरियाणा संगठन की जिम्मेदारी मिली है। विज का कहना है कि उनके अनुभव का लाभ पार्टी संगठन को मिलेगा और संगठनात्मक स्तर पर काम को नई गति मिलेगी।

विज के बयान का संकेत साफ है कि वह स्मृति ईरानी की नियुक्ति को केवल संगठनात्मक जिम्मेदारी के तौर पर नहीं, बल्कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल की संभावना के रूप में भी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके हरियाणा प्रभारी बनने से संगठन और सरकार दोनों को फायदा होगा तथा प्रदेश में काम और तेजी से आगे बढ़ेगा। स्मृति ईरानी की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भाजपा ने देशभर में अपने संगठनात्मक ढांचे में व्यापक बदलाव किया है। हरियाणा के साथ उन्हें छत्तीसगढ़ का भी प्रभारी बनाया गया है।

राहुल गांधी पर विज का ‘तानाशाही’ वाला पलटवार
वहीं राहुल गांधी से जुड़े सवाल पर अनिल विज के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। विज ने कहा कि पिछले काफी समय से पूरा देश देख रहा है कि संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मामला चुनाव आयोग का हो, सीबीआई का हो या कोई दूसरी संस्था, कांग्रेस की ओर से लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विज ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली से जोड़ते हुए कहा कि यह वही परिवार है जिसने देश में आपातकाल लगाया था। इसी संदर्भ में विज ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘इनके खून की तासीर में ही तानाशाही है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसी स्थिति पैदा करना चाहती है, जिसमें व्यवस्था के तहत काम करने वाली संस्थाएं अपना काम न कर सकें। विज ने कहा कि काम करने वालों को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन भारत लोकतांत्रिक देश है और यहां जनता का फैसला सर्वोपरि है।

‘जनता ने तानाशाही को पलट दिया था’
अनिल विज ने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि देश की जनता पहले भी तानाशाही के खिलाफ अपना फैसला सुना चुकी है। उन्होंने कहा कि जब देश में आपातकाल लगाया गया था, तब भी लोकतांत्रिक ताकतों ने उसका सामना किया और जनता ने बाद में अपना निर्णय सुनाया।

विज ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल या नेता के लिए अंतिम शक्ति जनता के पास होती है। उनके मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखना जरूरी है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब राहुल गांधी ने हाल के दिनों में चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। 24 सितंबर को राहुल गांधी ने चुनावों में कथित गड़बड़ी के आरोप दोहराते हुए निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।

‘काम करने वालों को रोकना चाहती है कांग्रेस’
विज ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह व्यवस्था को काम करने देने के बजाय उसमें रुकावट पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार और संस्थाओं को अपना काम करने देना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जरूरत है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने पहले भी लोकतंत्र की ताकत दिखाई है और भविष्य में भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ किसी भी तरह के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। विज ने कहा कि देश की जनता लोकतंत्र में विश्वास रखती है और राजनीतिक फैसले भी जनता ही करती है।

हरियाणा में संगठन को गति मिलने की उम्मीद

स्मृति ईरानी की नियुक्ति को लेकर विज का भरोसा प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज को लेकर भी दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी की रणनीतिक क्षमता और राष्ट्रीय स्तर का अनुभव हरियाणा में संगठन के लिए उपयोगी साबित होगा। हरियाणा भाजपा में यह पहला मौका है जब प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी किसी महिला नेता को दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष के पद पर डॉ. अर्चना गुप्ता पहले से जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

ऐसे में हरियाणा भाजपा के संगठन में महिला नेतृत्व की दोहरी भूमिका भी सामने आई है। अनिल विज के मुताबिक, स्मृति ईरानी के अनुभव से संगठन को लाभ मिलेगा और सरकार के काम को भी आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।कुल मिलाकर विज के बयान में एक तरफ स्मृति ईरानी की रणनीतिक क्षमता पर भरोसा दिखाई दिया, तो दूसरी तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ उनका राजनीतिक तेवर पूरी तरह मुखर नजर आया।

 

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