स्कूल सोसायटियों को CM सैनी द्वारा बड़ी राहत के संकेत, जुर्माना माफी पर जल्द जारी होगा आदेश

Edited By Harman, Updated: 23 Jun, 2026 10:49 AM

signs of major relief for school societies from cm saini

हरियाणा की निजी शिक्षण संस्थाओं से जुड़ी सोसायटियों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्कूल सोसायटियों पर लगाए गए भारी जुर्माने को माफ करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के संकेत दिए हैं। सोमवार को हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ...

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा की निजी शिक्षण संस्थाओं से जुड़ी सोसायटियों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्कूल सोसायटियों पर लगाए गए भारी जुर्माने को माफ करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के संकेत दिए हैं। सोमवार को हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने संबंधित फाइल तलब कर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री से मिला स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल

हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर लंबे समय से लंबित इस मुद्दे को उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि पूर्व में हुई बैठकों के दौरान एजुकेशन सोसायटियों पर लगाए गए जुर्माने को माफ करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इसके संबंध में कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

हजारों सोसायटियों के काम प्रभावित

संघ ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि जुर्माना माफी का पत्र जारी न होने के कारण प्रदेश की हजारों शिक्षण सोसायटियों के प्रशासनिक और कानूनी कार्य अटके हुए हैं। सोसायटियां वार्षिक शुल्क जमा कर अपनी प्रक्रियाएं पूरी करना चाहती हैं, लेकिन भारी जुर्माने की वजह से यह संभव नहीं हो पा रहा।

ऑनलाइन व्यवस्था बनी परेशानी का कारण

स्कूल संघ के अनुसार, सोसायटी एक्ट-2012 के तहत पंजीकृत सोसायटियों के नवीनीकरण और वार्षिक शुल्क जमा करने की व्यवस्था को वर्ष 2017 में ऑनलाइन किया गया था। साथ ही शुल्क समय पर जमा न करने पर 20 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना निर्धारित किया गया। आरोप है कि इस व्यवस्था की पर्याप्त जानकारी अधिकांश सोसायटियों तक नहीं पहुंची, जबकि जुर्माने की गणना पूर्व वर्षों से जोड़कर की गई।

सवा लाख रुपये तक पहुंचा जुर्माना

संघ का दावा है कि वर्षों से जुर्माना और अन्य देय राशि जुड़ने के कारण कई सोसायटियों पर बकाया राशि सवा लाख रुपये या उससे अधिक हो चुकी है। इससे छोटे और मध्यम स्तर के निजी शिक्षण संस्थानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

जल्द समाधान का भरोसा

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि मामले का शीघ्र समाधान किया जाएगा और संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा। संघ के पदाधिकारियों का मानना है कि यदि जुर्माना माफी का आदेश जारी हो जाता है तो प्रदेश की हजारों एजुकेशन सोसायटियां लंबित औपचारिकताओं को पूरा कर सकेंगी और उनके रुके हुए कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे।

निजी शिक्षा क्षेत्र को मिलेगी राहत

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि जुर्माना माफी का फैसला लागू होने पर निजी स्कूलों और उनसे संबद्ध सोसायटियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और संस्थानों का ध्यान शैक्षणिक गतिविधियों तथा छात्रों के हितों पर अधिक केंद्रित हो सकेगा।
 

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