विभाजन विभीषिका कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह की फिर दिखी नाराजगी

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 14 Aug, 2026 05:49 PM

rao inderjit lashed out at the organizers during the partition horrors event

सेक्टर-29 लेजर वैली ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय विभाजन विभीषिका कार्यक्रम में भाजपा में विभाजन की दीवार दिखाई दी। यहां अपनी ही पार्टी पर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह जमकर बरसे और मंच छोड़कर चले गए।

गुड़गांव, (ब्यूरो): सेक्टर-29 लेजर वैली ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय विभाजन विभीषिका कार्यक्रम में भाजपा में विभाजन की दीवार दिखाई दी। यहां अपनी ही पार्टी पर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह जमकर बरसे और मंच छोड़कर चले गए। उन्होंने आयोजकों को लताड़ लगाते हुए कहा कि आयोजकों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को तो निमंत्रण भेजा, लेकिन स्थानीय सांसद को ही इस कार्यक्रम से दरकिनार कर दिया। यह तो राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उन्हें बुलाया है तो वह इस कार्यक्रम में आए हैं। दूसरे लोकसभा सांसदों को निमंत्रण दिया गया, लेकिन स्थानीय सांसद से ही आयोजकों ने दूरी बना ली क्योंकि वह पंजाबी नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से सवाल पूछा क्या बिना निमंत्रण उनका इस कार्यक्रम में आना ठीक था।

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उन्होंने मंच से पानीपत और करनाल का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर यही कार्यक्रम पानीपत या करनाल में होता तो वहां के सांसदों को न्यौता न दिया जाता। उन्होंने कहा कि अगर यह कार्यक्रम एक विशेष समुदाय यानी पंजाबियों का ही होता तो वह बिना निमंत्रण बिल्कुल नहीं आते, लेकिन इसमें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को बुलाया गया और कार्यक्रम को राजनीतिक रूप दिया गया और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन्हें बुलाया तो आज वह इस कार्यक्रम में आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि आज उन्हें इस मंच से राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करने का भी मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में दूसरे राज्यों से भी अतिथि आए हैं, लेकिन लोकल लोगों को नहीं बुलाया गया इस बात से उन्हें आपत्ति है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 14 अगस्त को विभाजन दिवस के तौर पर मनाया जाए तभी मैं आज राष्ट्रीय अध्यक्ष के बुलावे पर यहां हूं। 

 

राव इंद्रजीत ने मंच से कहा कि वह पंजाबियों का धन्यवाद करते हैं कि पंजाबियों ने उन्हें 6 बार जिताकर सांसद बनाया। उन्होंने पंजाबी नेता बोधराज सीकरी को भी कहा कि आपने कभी चुनाव लड़ा है। महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव से पूछा कि मैं तो आपका अजीज हूं, आने तो आशीर्वाद दिया है और आपके मन में एक बार अया था कि राजनीति कर ली जाए, लेकिन उसका नतीजा आने देख लिया। उन्होंने कहा कि जब विभाजन हुआ था तो उस वक्त ज्यादातर लोग पंजाब जाने की बजाय हरियाणा में आए और हम सभी ने उनका स्वागत किया। हरियाणा को कल्चर भी पंजाबियों ने ही सिखाया है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा पहला प्रदेश है जिसने पंजाबी को मुख्यमंत्री बनाया। पहली बार उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री बनाया तो दूसरी बार आप सभी ने बनाया।  पहली बार हरियाणा से सेना के दो चीफ बने। एक लेफ्टिनेंट जनरल सुहाग और दूसरे लेफ्टिनेंट जनरल कपूर। ये आयोजक कहेंगे कि लेफ्टिनेंट कपूर तो पंजाबी थे।

 

उन्होंने पंजाबियों से कहा कि ताली दोनों हाथ से बजती है। पहली बार पंजाबी एमएलए धर्मबीर गाबा को क्या पंजाबियों ने बनाया। नहीं उन्हें हम सभी ने मिलकर बनाया। वह चार बार एमएलए रहे हैं। केवल पंजाबियत के उपर या सिर्फ राजनीतिक तौर पर लेने के लिए आप लोगों को आमंत्रित करने वाले लोगों को सोचना चाहिए कि सिर्फ पंजाबी नाम के उपर कोई इलेक्शन लड़ता है तो मदान (मदन लाल ग्रोवर) 48 हजार वोट ले गए, लेकिन जीते नहीं। उन्होंने कहा कि सभी के योगदान से ही धर्मबीर गाबा एमएलए बने थे और मैं सांसद बना हूं। उन्हाेंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि वह सभी भाजपा के साथ रहें। इसी दौरान मंच पर मौजूद रिटायर्ड जनरल ने उनका कुर्ता खींचा तो राव इंद्रजीत ने कहा कि कुर्ता खींचने वाले जनरल साहब आ गए हें। ये जनरल साहब पहले ही नहीं बुलाते। इतना ही बुला लिया तो यही गनीमत है। इसके बाद राव इंद्रजीत ने मंच छोड़ दिया।

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