Rahul Gandhi का हरियाणा दौरा: बृजेंद्र सिंह की 'सद्भाव यात्रा' में होंगे शामिल, गुरुग्राम के खांडसा से भरेंगे हुंकार

Edited By Isha, Updated: 06 May, 2026 06:04 PM

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह द्वारा निकाली जा रही 'सद्भाव यात्रा' अब अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँचने वाली है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस यात्रा

डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह द्वारा निकाली जा रही 'सद्भाव यात्रा' अब अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँचने वाली है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस यात्रा में शामिल होने के लिए गुरुग्राम के खांडसा पहुँच रहे हैं। यहाँ वे बृजेंद्र सिंह के साथ कदमताल करते हुए जनता से सीधा संवाद करेंगे।

बृजेंद्र सिंह ने यह यात्रा हरियाणा में आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की थी। राहुल गांधी की भागीदारी को राजनीतिक हलकों में कांग्रेस की एकजुटता और आगामी चुनावी तैयारियों के तौर पर देखा जा रहा है।


राहुल गांधी और बृजेंद्र सिंह खांडसा गांव के ऐतिहासिक रास्तों से होते हुए स्थानीय लोगों से मुलाकात करेंगे।पदयात्रा के समापन पर एक संक्षिप्त सभा को संबोधित करने की भी संभावना है, जहाँ वे सामाजिक एकता और वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। राहुल गांधी के आगमन की खबर से गुरुग्राम और आसपास के जिलों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

खांडसा ही क्यों?
गुरुग्राम का खांडसा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है और यहाँ विभिन्न समुदायों की मिली-जुली आबादी है। यहाँ से यात्रा गुजारने का मकसद 'सद्भाव' के संदेश को जमीनी स्तर तक पहुँचाना है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन पहले से ही मुस्तैद है और रूट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

 क्या अब बड़े नेता इस यात्रा में होंगे शामिल
हरियाणा कांग्रेस के कई बड़े नेता अभी तक इस यात्रा में शामिल नहीं हुए। उन्होंने इसे निजी यात्रा बताया था। हरियाणा कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके करीबी गुट के नेताओं ने अब तक इस यात्रा से काफी हद तक दूरी बनाए रखी है। हुड्डा कैंप का तर्क यह रहा है कि यह कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक नेता की 'निजी पहल' है। हुड्डा समर्थक नेताओं का मानना है कि पार्टी के कार्यक्रमों का फैसला प्रदेश आलाकमान या केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किया जाना चाहिए।

 

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