Edited By Harman, Updated: 13 Aug, 2026 05:15 PM

हरियाणा सरकार ने खेती को पारंपरिक फसलों तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक तकनीकों और अधिक लाभ वाली बागवानी गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। सरकार का फोकस मशरूम उत्पादन, संरक्षित खेती, हाइड्रोपोनिक्स, एरोपोनिक्स, ग्रीनहाउस और वर्टिकल...
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार ने खेती को पारंपरिक फसलों तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक तकनीकों और अधिक लाभ वाली बागवानी गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। सरकार का फोकस मशरूम उत्पादन, संरक्षित खेती, हाइड्रोपोनिक्स, एरोपोनिक्स, ग्रीनहाउस और वर्टिकल फार्मिंग जैसी तकनीकों के विस्तार पर है। चालू वर्ष में करीब 1000 एकड़ क्षेत्र को स्मार्ट बागवानी तकनीकों के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि हरियाणा सफेद बटन मशरूम उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। किसानों को मशरूम उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं अनुसूचित जाति के किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए संचालित योजनाओं के तहत विभिन्न बागवानी गतिविधियों पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
नई बागवानी नीति जल्द, उत्पादन से बाजार तक किसानों को मिलेगा सहयोग
राणा ने कहा कि प्रदेश में बागवानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। बागवानी को व्यापक और आधुनिक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए नई बागवानी पॉलिसी तैयार की जा रही है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा।सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उत्पादन के बाद मूल्य संवर्धन, भंडारण और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी संस्थागत सहयोग देना है। इसी उद्देश्य से बागवानी विभाग के पुनर्गठन का प्रस्ताव है। विभाग का नया नाम ‘बागवानी एवं विपणन विभाग’ किए जाने की तैयारी है।
स्मार्ट तकनीकों से कम जमीन में अधिक उत्पादन पर जोर
सरकार संरक्षित खेती के साथ एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीनहाउस और वर्टिकल फार्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को तेजी से बढ़ावा देने की तैयारी में है। इन तकनीकों के माध्यम से कम क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और खेती की लागत को नियंत्रित करने पर जोर रहेगा।करीब 1000 एकड़ क्षेत्र को स्मार्ट बागवानी के दायरे में लाने का लक्ष्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सालभर खुला रहेगा ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पर पंजीकरण
वर्ष 2026-27 में बागवानी फसलों के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण पूरे साल खुला रखने की योजना है। इससे किसानों को अपनी बागवानी फसलों का विवरण दर्ज कराने में अधिक सुविधा मिलेगी और विभाग को भी फसल क्षेत्र तथा उत्पादन से जुड़ा बेहतर डाटा उपलब्ध हो सकेगा।
कोल्ड चेन नीति से भंडारण और निर्यात को मिलेगा सहारा
बागवानी उत्पादों की सबसे बड़ी चुनौतियों में भंडारण और बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। सरकार इन समस्याओं से निपटने के लिए समर्पित ‘कोल्ड चेन नीति’ लागू करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य फसलों के बेहतर भंडारण, कीमतों में स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हरियाणा के बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है। श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और अधिक मुनाफे वाला क्षेत्र बनाना है। मशरूम उत्पादन से लेकर स्मार्ट बागवानी और बेहतर विपणन व्यवस्था तक किए जा रहे प्रयासों से किसानों की आय बढ़ाने और खेती को नई तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।