किसी दूसरे का प्लॉट बेच रही थी महिला, रजिस्ट्री के दौरान ऐसे हुआ खुलासा

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 10 Jan, 2026 10:48 PM

one arrested in case of fake sale deed registration

पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-2 ने फर्जी महिला को प्लॉट की असल मालकिन बताकर प्लॉट बेचने के मामले में एक आरोपी गवाह को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने गवाह बनकर रजिस्ट्री/सेल डीड के दौरान फर्जी महिला को प्लॉट की असली मालकिन बताकर प्लॉट को 01.90 करोड़ रुपए...

गुड़गांव, (ब्यूरो): पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-2 ने फर्जी महिला को प्लॉट की असल मालकिन बताकर प्लॉट बेचने के मामले में एक आरोपी गवाह को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने गवाह बनकर रजिस्ट्री/सेल डीड के दौरान फर्जी महिला को प्लॉट की असली मालकिन बताकर प्लॉट को 01.90 करोड़ रुपए मेंं बेचा था। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है।

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दरअसल, आर्थिक अपराध शाखा-2 की जांच के बाद पालम विहार थाना पुलिस को एक महिला की शिकायत मिली। जिसमें बताया गया कि सेक्टर-22, 23 स्थित एक प्लॉट को फर्जी तरीके से सुनील कुमार को 01.90 करोड़ रुपए मेंं बेच दिया गया। सुनील कुमार द्वारा प्लॉट के फर्जी दस्तावेज बनवाकर यह प्लॉट की सेल डीड अपने नाम करवाई है। जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी।

 

मामले में आर्थिक अपराध शाखा-2 की टीम ने हांसी, हिसार से ठगी करने के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान जींद के गांव सिरसा खेड़ी निवासी पंकज (28) के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हिसार में प्लास्टिक बैग बनाने वाली दुकान पर काम करता है। आरोपी ने बताया कि पीडि़त महिला उसके घर के पास ही रहती है। जिसका गुरुग्राम में प्लॉट था। पंकज व उसके गांव के अन्य व्यक्ति के कहने पर फर्जी तरीके से उस प्लॉट की रजिस्ट्री/सेल डीड के वक्त गवाह के तौर पर फर्जी महिला को प्लॉट को मालकिन बताया था। जिसके चलते तहसीलदार ऑफिस में प्लॉट की फर्जी सेल डीड बनी थी। आरोपी ने बताया कि इसके अन्य साथी आरोपियों ने उसे जुलाना, जींद में जॉब दिलाने का लालच देकर झूठी गवाही दिलाई थी।  प्लॉट फर्जी तरीके से सुनील कुमार को 01 करोड़ 90 लाख रूपये में बेचा गया था।

 

पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है। पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपी से इसके अन्य साथियों की पहचान, अन्य संभावित वारदातों का खुलासा, ठगी की गई राशि व संबंधित दस्तावेजों की बरामदगी के लिए विस्तृत पूछताछ की जाएगी। 

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