Edited By Krishan Rana, Updated: 03 Apr, 2026 04:58 PM

नूंह जिले में कंज्यूमर कोर्ट के एक अधिकारी पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे न्यायिक व्यवस्था की
नूंह (अनिल मोहनिया) : नूंह जिले में कंज्यूमर कोर्ट के एक अधिकारी पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे न्यायिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। नूंह जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कंज्यूमर कोर्ट पहुंचकर इस मामले को जोर-शोर से उठाया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान ताहिर हुसैन रुपड़िया और मकसूद अहमद एडवोकेट ने कंज्यूमर कोर्ट के ऑफिसर बलजीत सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक मामले में 3 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता मकसूद अहमद ने बताया कि यह कोई एक मामला नहीं है, बल्कि अधिकारी द्वारा हर केस में करीब 10 प्रतिशत तक रिश्वत लेने का आरोप है।
रिश्वत न दी तो केस को रद्द कर दिया गया
मकसूद अहमद के अनुसार, जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो उनके केस को रद्द कर दिया गया। उन्होंने इसे न्याय के साथ अन्याय करार देते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशैली से आम आदमी का भरोसा न्याय प्रणाली से उठ सकता है। वहीं, ताहिर हुसैन रुपड़िया ने कहा कि कंज्यूमर कोर्ट की स्थापना आम जनता को सस्ता और त्वरित न्याय देने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन अगर यहां भी भ्रष्टाचार पनप रहा है तो यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बार एसोसिएशन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। यह मामला न केवल नूंह जिले में बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन और उच्च अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
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