Edited By Krishan Rana, Updated: 13 Mar, 2026 07:19 PM

हरियाणा में आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों में अतिरिक्त बाहरी फोर्स की आवश्यकता
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा में आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों में अतिरिक्त बाहरी फोर्स की आवश्यकता नहीं, पुलिस फोर्स चुनावों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने में सक्षम है।यह शब्द हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त डी एस कल्याण ने पंजाब केसरी से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहे।
राज्य चुनाव आयोग ने मतदाताओं को जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में पंचकूला में राज्य चुनाव आयोग की ओर से एक विशेष मतदाता जागरूकता मेला एवं शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करना और लोकतंत्र में उनके अधिकार व कर्तव्यों के बारे में जानकारी देना रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को मतदान की प्रक्रिया, ईवीएम मशीन के उपयोग और मतदान के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
कल्याण ने कहा कि शिविर में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, जागरूकता गतिविधियां और विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त डीएस कल्याण ने इस अवसर पर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक नागरिक का मतदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि हर मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करे और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राज्य में जल्द ही नगर निगम और पंचायत के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि मतदाता जागरूक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें, क्योंकि जिन प्रतिनिधियों को जनता अपने वोट से चुनती है, वही आगे चलकर शहरों और गांवों के विकास की दिशा तय करते हैं।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले नगर निगम चुनाव कराए जाएंगे। इन चुनावों में पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगम शामिल हैं। इसके अलावा रेवाड़ी, धारूहेड़ा और सांपला में भी चुनाव होने हैं। इन चुनावों के बाद उन पंचायतों में उपचुनाव कराए जाएंगे, जहां किसी कारणवश पद रिक्त हो गए हैं।
डीएस कल्याण ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में राज्य सरकार और जिला प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मतदाता सूची का कार्य अंतिम चरण में है। इसके पूरा होते ही 27 मार्च को नई मतदाता सूचियों का प्रकाशन कर दिया जाएगा। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
चुनाव आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि हरियाणा में चुनाव हमेशा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होते रहे हैं। राज्य का रिकॉर्ड रहा है कि यहां मतदान प्रक्रिया व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी होती है। इसी वजह से यहां पर अतिरिक्त बाहरी फोर्स की आवश्यकता बहुत कम पड़ती है। राज्य की पुलिस फोर्स ही चुनावों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का मतदाता काफी जागरूक है और लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझता है। फिर भी चुनाव आयोग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत हो सके।
शिविर में आए लोगों को ईवीएम मशीन के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने मशीन के माध्यम से मतदान की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया और लोगों को बताया कि किस प्रकार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकता है। इससे लोगों की कई शंकाओं का समाधान भी हुआ।
कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने युवाओं को समझाया कि उनका एक वोट लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए युवाओं को मतदान के दिन बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए और दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करना चाहिए।
अंत में चुनाव आयुक्त ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और मतदान के दिन अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि जागरूक और सक्रिय मतदाता ही लोकतंत्र की असली ताकत होते हैं और उनके सहयोग से ही राज्य व देश का विकास संभव है।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)