Edited By Yakeen Kumar, Updated: 21 Nov, 2025 09:38 PM

इस जिले में करीब 2 महीनों से चल रही राजनीतिक रस्साकशी शुक्रवार को समाप्त हो गई।
रेवाड़ी (महेंद्र भारती) : रेवाड़ी जिले में करीब 2 महीनों से चल रही राजनीतिक रस्साकशी शुक्रवार को समाप्त हो गई। धारूहेड़ा ब्लॉक समिति चेयरमैन दलबीर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पर्याप्त समर्थन न मिलने के कारण गिर गया। जिला सचिवालय में हुई बैठक में आवश्यक दो-तिहाई उपस्थिति नहीं जुट पाई, जिसके चलते प्रस्ताव स्वतः निरस्त घोषित कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार ब्लॉक समिति के कुल 22 सदस्यों में से केवल 14 सदस्य ही बैठक में पहुंचे, जबकि प्रस्ताव को मान्य बनाने के लिए कम से कम 15 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी। आंकड़ा पूरा न होने पर अधिकारियों ने प्रस्ताव खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि विरोधी गुट के 16 सदस्य पिछले दो महीनों से अविश्वास प्रस्ताव से बचने के लिए लगातार भ्रमण पर थे। इससे पहले 24 अक्टूबर को निर्धारित बैठक अधिकारी की बीमारी के कारण टाल दी गई थी। 21 नवंबर की बैठक के लिए सभी को भरोसा था, परंतु अंतिम क्षणों में समीकरण बदल गए और 16 में से केवल 14 सदस्य ही पहुंचे।
विपक्षी गुट ने बताया लोकतंत्र की हत्या
संवेदनशील स्थिति को देखते हुए जिला सचिवालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। विरोधी गुट के नेता रोहित ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। उनका दावा था कि चेयरमैन समर्थक सदस्यों को खुला संरक्षण मिला और कई सदस्यों को बैठक में आने से रोका गया।
एडीसी ने खारिज किए आरोप
अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत हुई और संख्या अधूरी रहने के कारण अविश्वास प्रस्ताव स्वतः रद्द हो गया। नियमों के अनुसार अब अगले एक वर्ष तक नया अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।
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