'दम है तो 40 सीटों पर दें इस्तीफा, बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव लड़कर देख लें', कांग्रेस को मंत्री कृष्ण बेदी का खुला चैलेंज

Edited By Harman, Updated: 16 Oct, 2026 03:32 PM

minister krishan bedi s open challenge to the congress

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहे कांग्रेस नेतृत्व और उसके 'वोट चोर गद्दी छोड़' अभियान पर करारा राजनीतिक हमला बोला है।

चंडीगढ़ (चंद्र शेखर धरणी) : हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहे कांग्रेस नेतृत्व और उसके 'वोट चोर गद्दी छोड़' अभियान पर करारा राजनीतिक हमला बोला है। हरियाणा न्यूज़ के साथ विशेष बातचीत में कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस को सीधी खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के 40 विधायकों और उनके केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व में जरा भी हिम्मत है, तो वे तुरंत विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर बैलेट पेपर से चुनाव लड़कर दिखाएं। जनता खुद दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी कि कौन कितने पानी में है।

​ईवीएम लाने वाले आज खुद मचा रहे हाहाकार: बेदी

​ईवीएम पर लगातार उंगली उठा रही कांग्रेस को घेरते हुए कृष्ण बेदी ने सवाल पूछा कि देश में ईवीएम प्रणाली को कौन लेकर आया था? पहले जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी, तब ईवीएम से चुनाव कराने का फैसला किसने लिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी लगातार हो रही हार से इतनी हताश हो चुकी है कि उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और वह पूरी दुनिया के सामने मजाक का पात्र बन रही है। ​बेदी ने कई राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां-जहां दशकों तक बैलेट पेपर से चुनाव होते रहे—जैसे पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश—वहां भी कांग्रेस दशकों से सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का देश भर में सूपड़ा साफ हो चुका है और आज उनके पास न तो कोई नीति है और ना ही कोई मजबूत नेतृत्व।

​आपसी गुटबाजी से हारी कांग्रेस, ईवीएम पर फोड़ रही ठीकरा

​हरियाणा विधानसभा चुनाव के घटनाक्रमों को याद दिलाते हुए कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि चुनाव के दौरान कांग्रेस पूरी तरह बिखरी हुई थी। बड़े-बड़े नेताओं जैसे कुमारी सैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और अन्य वरिष्ठ नेताओं को किनारे लगा दिया गया था। पार्टी का कोई मजबूत संगठन धरातल पर मौजूद नहीं था। ​उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चलते चुनाव में पार्टी के दिग्गज नेता और उनके परिवार के लोग साथ छोड़ रहे थे, लेकिन फिर भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा खुद को मुख्यमंत्री का इकलौता उम्मीदवार मानकर चल रहे थे। जब वोट बैंक की लड़ाई में उनकी आपसी खींचतान उजागर हो गई, तो अब जनता के जनादेश को स्वीकार करने के बजाय ईवीएम पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।

​नायब सैनी सरकार के 2 साल बेमिसाल: 100 वादे धरातल पर उतारे

​नायब सिंह सैनी सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए मंत्री बेदी ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने घोषणापत्र के संकल्पों को पूरी निष्ठा के साथ लागू किया है। प्रदेश में 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने और 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक काम किया गया है।

​महिला सशक्तिकरण

'लाडो लक्ष्मी योजना' के माध्यम से लाखों गरीब और जरूरतमंद बहनों को 2100 मासिक सहायता देकर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया गया है। इसके अलावा 500 रुपए में गैस सिलेंडर तथा 'हैप्पी कार्ड' के माध्यम से बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

​बिना पर्ची-बिना खर्ची रोजगार

सरकार बनने के बाद शपथ लेने से पहले ही 25,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईं तथा 1.20 लाख कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा की गारंटी दी गई है।

​स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा

 बुढ़ापा पेंशन बढ़ाकर 3200 रुपए की गई है और जिला स्तर पर थैलेसीमिया व किडनी रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 24 घंटे जनता के लिए सुलभ हैं और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को शिक्षा, चिकित्सा व सुरक्षा देना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!