अम्बाला में रेलवे ग्रुप-D भर्ती में AI कैमरे का कमाल, फर्जी उम्मीदवार का हुआ खुलासा; दीवार फांदकर फरार

Edited By Harman, Updated: 26 Sep, 2026 10:14 AM

major fraud in railway group d recruitment in ambala

रेलवे शारीरिक दक्षता परीक्षा में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरों की मदद से एक फर्जी उम्मीदवार को पकड़ा गया। यह आरोपी एक अन्य छात्र के स्थान पर शारीरिक परीक्षा देने पहुंचा था।

अम्बाला : रेलवे शारीरिक दक्षता परीक्षा में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरों की मदद से एक फर्जी उम्मीदवार को पकड़ा गया। यह आरोपी एक अन्य छात्र के स्थान पर शारीरिक परीक्षा देने पहुंचा था। जानकारी अनुसार अम्बाला छावनी के रेलवे स्टेडियम रेल विहार में 22 सितम्बर से 28 सितम्बर तक रेलवे भर्ती सैल, नई दिल्ली द्वारा रेलवे शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। अम्बाला रेल मंडल में चल रहे रेलवे के ग्रुप डी. के शारीरिक परीक्षा में 8 मुन्ना भाई पुलिस ने गिरफ्तार किए।

23 सितम्बर 2026 को टी.टी.आई.पी.एल. के इंचार्ज ने पुलिस को शिकायत दी कि जांच दौरान ए, आई. कैमरों ने एक चेहरे की विसंगति को पकड़ा। कैमरे ने ट्रैक किया कि जो उम्मीदवार उस दिन 'सतीश कुमार पुत्र गुरमैल' के नाम पर परीक्षा देने आया था उसका चेहरा पूर्व में 22 सितम्बर को परीक्षा दे चुके 'दीपक पुत्र चांद राम' रोल नंबर: 178241170465121 से हू ब-हू मिल रहा था। जब अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की और सतीश के नाम वाले शख्स के पास से मिले आधार कार्ड की जांच की तो ए.आई. कैमरे द्वारा दिखाई बात सच साबित हुई। 

पुलिस को देख दीवार फांदकर भागा आरोपी

धोखाधड़ी पकड़े जाने के बाद दक्षता समिति ने आरोपी का बयान दर्ज किया और उसके हस्ताक्षर करवाए। इसी दौरान जब रेलवे पुलिस बल के जवान वहां पहुंचे तो आरोपी दीपक पुलिस को चकमा देकर परीक्षा स्थल की दीवार फांदकर भाग गया। रेलवे सहायक कार्मिक अधिकारी सुरेश कुमार की शिकायत पर अम्बाला कैंट के पड़ाव थाना में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस असली उम्मीदवार सतीश कुमार और जालसाज दीपक दोनों की भूमिका की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। साथ ही रेलवे प्रशासन द्वारा दोनों उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है।वास्तव में दीपक ही था जो 22 सितम्बर को खुद की परीक्षा पास करने के बाद, 23 सितम्बर सतीश कुमार बनकर फर्जी तरीके से दौड़ लगाने पहुंच गया था। जालसाजी छुपाने के लिए उसने 22 सितम्बर वाले टैग नंबर 1292 की जगह 23 सितम्बर को टैग नंबर 0619 पहन रखा था।

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