Edited By Isha, Updated: 22 Apr, 2026 03:33 PM

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में कुर्सियां टूटने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला पर FIR दर्ज होने के बाद पार्टी पदाधिकारी बुधवार को यूनिवर्सि
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में कुर्सियां टूटने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला पर FIR दर्ज होने के बाद पार्टी पदाधिकारी बुधवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन से मुलाकात करेंगे। JJP के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. जसविंदर खैहरा अपने साथियों के साथ वाइस चांसलर (VC) को मांगपत्र सौंपेंगे।
सिक्योरिटी व्यवस्था पर उठाए सवाल
डॉ. जसविंदर खैहरा ने यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (CSO) आनंद कुमार पर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम के लिए डॉ. आरके सदन की बुकिंग हेतु 42 हजार रुपए जमा करवाए गए थे, जबकि सिक्योरिटी के लिए अलग से 25 हजार रुपए दिए गए। इसके बावजूद घटना के समय सुरक्षा कर्मी नदारद रहे।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम के दौरान कुर्सियां तोड़ी जा रही थीं और हंगामा हो रहा था, तब सिक्योरिटी स्टाफ ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। अगर सुरक्षा मौजूद थी, तो हालात बिगड़ने से क्यों नहीं रोका गया।
नुकसान की भरपाई पर बनी थी सहमति
डॉ. खैहरा के अनुसार, घटना के अगले दिन वे यूनिवर्सिटी प्रशासन से मिले थे, जहां दो विकल्प दिए गए—या तो यूनिवर्सिटी के अधिकृत कांट्रेक्टर से कुर्सियां ठीक करवाई जाएं या फिर नुकसान की भरपाई की जाए। उन्होंने दावा किया कि नुकसान की भरपाई को लेकर दोनों पक्षों में सहमति बन गई थी।
सरकार के इशारे पर कार्रवाई का आरोप
खैहरा ने आरोप लगाया कि हिसार में हुई कार्रवाई के बाद उन्हें टारगेट करते हुए कुरुक्षेत्र में FIR दर्ज की गई। उनका कहना है कि सहमति बनने के बावजूद यह कार्रवाई सरकार के इशारे पर की गई है, जिसका प्रमाण यूनिवर्सिटी की ओर से दिया गया पत्र भी है।
CSO का पक्ष: बाहरी लोगों की एंट्री से बिगड़ा माहौल
वहीं, CSO आनंद कुमार के मुताबिक, 2 अप्रैल को 7 अप्रैल के कार्यक्रम के लिए आवेदन किया गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने और राजनीति में भागीदारी के लिए प्रेरित करना बताया गया था। यह बुकिंग केयू के असिस्टेंट प्रोफेसर अजायब सिंह के माध्यम से हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान 300 से 400 लोग मौजूद थे, जिनमें बाहरी लोग भी शामिल थे। कार्यक्रम में निर्धारित एजेंडा के बजाय राजनीतिक भाषण दिए गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान करीब 80 कुर्सियां तोड़ी गईं और अन्य संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।