IPS suicide case: शव का चौथे दिन भी पोस्टमार्टम नहीं, पत्नी व दलित संगठन DGP-SP की गिरफ्तारी पर अड़े

Edited By Isha, Updated: 11 Oct, 2025 08:53 AM

ips suicide case no post mortem on the body even on the fourth day

आईपीएस आईजी वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में शुक्रवार को आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार समेत दलित आईपीएस-आईएएस अधिकारियों ने एफआईआर पर सवाल खड़े किए हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार

चंडीगढ़: आईपीएस आईजी वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में शुक्रवार को आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार समेत दलित आईपीएस-आईएएस अधिकारियों ने एफआईआर पर सवाल खड़े किए हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन आरोपियों के नाम का कॉलम खाली छोड़ दिया। अब यह मामला तूल पकड़ गया।

मृतक के परिवार ने चौथे दिन भी आईजी के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। पीड़ित परिवार और दलित समुदाय ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया की गिरफ्तारी नहीं होने तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराने से मना कर दिया है। वहीं, दलित समुदाय ने दिल्ली के पूर्व मंत्री संदीप वाल्मीकि के नेतृत्व में 31 सदस्यीय कमेटी गठित की, जिसने गिरफ्तारी नहीं होने पर चंडीगढ़ में एंट्री पॉइंट जाम करने की चेतावनी दी है। वहीं, पीड़ित परिवार की यूटी पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। मामले में जांच के लिए यूटी डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने छह सदस्यीय एसआईटी गठित की है। इसके इंचार्ज आईजी पुष्पेंद्र कुमार हैं। हालांकि, सूत्रों के अनुसार अभी पुलिस ने दर्ज की गई एफआईआर में कुछ भी बदलाव करने से भी साफ इनकार कर दिया है।

एफआईआर पर न हस्ताक्षर, न कॉलम में आरोपियों के नाम

चंडीगढ़ पुलिस की एफआईआर पर आईजी की पत्नी अमनीत ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने एसएसपी कंबरदीप को लिखे पत्र में कहा, 'एफआईआर नंबर 156 पर हस्ताक्षर नहीं। यह अधूरी थी। मूल शिकायत में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजरानिया को मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया था, लेकिन इसका स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया। सभी आरोपियों के नाम कॉलम नंबर 7 में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध होने चाहिए। अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की धारा 3(2) (वी) को जोड़ा जाए, ताकि निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित हो। दो 'अंतिम नोट' की प्रमाणित प्रतियां नहीं दी गई।

 

दलित संस्थाओं की 31 सदस्यीय कमेटी गठित; चंडीगढ़ जाम करने की चेतावनी दी

शुक्रवार शाम दिल्ली से 'आप' के पूर्व मंत्री संदीप वाल्मीकि समेत 12 दलित संस्थाओं के प्रतिनिधि भी आईएएस पत्नी की कोठी पर पहुंचे। यहां दलित समुदाय के 31 लोगों की कमेटी बनाई गई, जो शनिवार सुबह 10:30 बजे बैठक कर अगला निर्णय लेगी। वहीं, डीजीपी व रोहतक एसपी के खिलाफ 24 घंटेमें कार्रवाई न होने पर चंडीगढ़ जाम करने की चेतावनी दी है।

 



एक सप्ताह बाद हरियाणा में पीएम का दौरा है, इसलिए हर जानकारी केंद्र सरकार को और ने भी दी रही है। सरकार नहीं चाहती कि अफसर धड़ों में बंटे कामकाज पर असर पड़े। सरकार ने एससी समाज से आने वाले सीनियर मंत्री कृष्णलाल पंवार को शुक्रवार को फिर से पीड़ित परिवार के पास भेजा। मंत्री ने कहा कि सरकार उनकी बात मान रही है। पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार होने दें। अमनीत स्पष्ट कहा कि पहले कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्य सचिव, एसीएस होम व अन्य सीनियर आईएएस को भी चार बार सरकार का संदेश लेकर भेजा गया। वहीं, एससी समाज से संबंधित संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। राजनीतिक दल भी सरकार को घेर रहे हैं। इसलिए सीएमओ में दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। सरकार ऐसा रास्ता निकालना चाहती है कि परिवार भी संतुष्ट हो जाए और जांच चलती रही।

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